यूपी के पूर्व डीजीपी के योगी आदित्यनाथ पर दिए बयान को अखिलेश से जोड़कर गलत दावे के साथ किया गया शेयर

Fact Check: यूपी के पूर्व डीजीपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दिए बयान को अखिलेश यादव से जोड़कर सोशल मीडिया में परोसा गया है. वायरल दावे का सच यहां पढ़ें.

Fact Ccheck by PTI, Published by प्रभात खबर (prabhatkhabar.com)

Fact Check: उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी डीएस चौहान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है. यूजर्स के अनुसार पूर्व डीजीपी डीएस चौहान वीडियो में निवर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तारीफ कर रहे हैं. वीडियो में पूर्व डीजीपी कह रहे है कि पहली बार ऐसे चीफ मिनिस्टर को देखा है, जिन्होंने कभी हमारे डे टू डे वार्किंग में दखल नहीं दिया.

पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ. जांच में पता चला कि ये वीडियो न्यूज 18 के एक कार्यक्रम हिस्सा है, मूल वीडियो में पूर्व डीजीपी चौहान अखिलेश यादव की नहीं बल्कि सीएम योगी अदित्यनाथ की तारीफ कर रहे थे. वीडियो मई 2023 का है.

दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर ‘अदिति यादव’ नाम की एक वेरिफाइड यूजर ने 6 दिसंबर को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “ पहली बार ऐसे मुख्यमंत्री को देखा था जो कभी भी हमारे किसी भी मामले में दखल नहीं देते थे, यूं ही नहीं कोई अखिलेश बन जाता. 27 में सपा सरकार”. पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें.

पड़ताल

वायरल वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को रिवर्स सर्च करने पर हमें यह वीडियो ‘News18’ के यूट्यूब चैनल पर मिला. वीडियो यूट्यूब पर 26 मई 2023 को अपलोड किया गया था. इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में बताया गया है कि UP के डीजीपी डीएस चौहान ने बताया कितना दखल देते है सीएम योगी यूपी पुलिस में? स्क्रीनशॉट यहां देखें.

वीडियो में पूर्व डीजीपी सीएम योगी की तारीफ करते हुए कह रहे है कि पहली बार ऐसे चीफ मिनिस्टर को देखा, जिन्होंने कभी हमारे डे टू डे वार्किंग में दखल नहीं दिया. वीडियो से स्पष्ट है कि पूर्व डीजीपी अखिलेश यादव की नहीं, बल्कि सीएम योगी की तारीफ कर रहे हैं. पूरा वीडियो यहां देखें.

पड़ताल को आगे बढ़ाने पर हमें 6 जुलाई 2024 को नवभारत टाइम्स (NBT) की वेबसाइट पर एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के अनुसार समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने पूर्व डीजीपी डीएस चौहान के इसी बयान को अखिलेश यादव से जोड़कर शेयर किया था. जिस पर यूपी पुलिस ने पलटवार करते हुए सपा नेता को भ्रामक सूचना न फैलाने की चेतावनी दी थी. यूपी पुलिस ने पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व डीजीपी डीएस चौहान ने अखिलेश यादव की नहीं सीएम योगी की तारीफ में ऐसा कहा था. खबर का स्क्रीनशॉट यहां देखें.

वहीं यूपी पुलिस ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट इस बात की पुष्टि की है, ‘सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्री डी0 एस0 चौहान द्वारा दिनांक 26.03.2023 को मा0 मुख्यमंत्री उप्र श्री योगी आदित्यनाथ के सन्दर्भ मे कहे गए कथन को भ्रामक रूप से पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से सम्बन्धित बताया जा रहा है. कृपया भ्रामक सूचना न फैलाएं. पोस्ट का लिंक.

हमारी अब तक की जांच से यह साफ है कि पूर्व डीजीपी चौहान अखिलेश यादव की नहीं बल्कि सीएम योगी अदित्यनाथ की तारीफ कर रहे थे. वीडियो मई 2023 का है.

दावा

यूपी के पूर्व डीजीपी डी. एस. चौहान ने बताया कि सीएम अखिलेश यादव अपने कार्यकाल में कभी भी पुलिस के कामकाज में दखल नहीं देते थे.

तथ्य

पूर्व डीजीपी डीएस चौहान ने अखिलेश यादव नहीं बल्कि सीएम योगी की तारीफ में बोला था कि पहली बार ऐसे चीफ मिनिस्टर को देखा, जिन्होंने कभी हमारे डे टू डे वार्किंग में दखल नहीं दिया.

निष्कर्ष
पीटीआई की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि पूर्व डीजीपी चौहान अखिलेश यादव की नहीं बल्कि सीएम योगी अदित्यनाथ की तारीफ कर रहे थे. वीडियो मई 2023 का है.

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(डिस्क्लेमर : इस खबर का फैक्ट चेक पीटीआई ने किया है. प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) ने शक्ति कलेक्टिव के साथ भागीदारी के तहत इस फैक्ट चेक को पुनर्प्रकाशित किया है.)

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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