UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समाजवादी पार्टी पर दिए बयान से नया विवाद खड़ा हो गया है. सीएम योगी ने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जब पत्रकार सवाल पूछते हैं तो उनके साथ गाली-गलौज, हाथापाई और मारपीट तक की जाती है. उन्होंने दावा किया कि एक पत्रकार के गले पर तलवार रखने की घटना भी सामने आई थी. सीएम योगी ने सपा पर कानून-व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी निशाना साधा.
सपा पर लगाया लूटखसोट का आरोप
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासन में विकास के बजाय सरकारी धन का दुरुपयोग किया जाता था. उन्होंने कहा कि आज दुग्धेश्वर नाथ बाबा के सुंदरीकरण के लिए जिस धनराशि का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसी तरह के पैसे को पिछली सरकार में कब्रिस्तान के नाम पर खर्च किया जाता था. योगी ने सपा को ‘लूटखसोट’ और ‘डकैतों का गिरोह’ तक कह दिया.
बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बेटियों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित रहते थे. उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. CM योगी ने कहा कि किसी भी मां-बाप के लिए बेटी की सुरक्षा सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक है और सरकार इसी चिंता को ध्यान में रखकर काम कर रही है.
मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया
सीएम योगी ने पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया. उन्होंने कहा कि सरकार या प्रशासन के गलत कामों की ओर ध्यान आकर्षित करने में मीडिया की अहम भूमिका होती है. योगी ने आरोप लगाया कि जब मीडिया ने सपा सरकार की सच्चाई सामने रखी तो पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किया गया. उन्होंने सपा नेताओं के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े किए. यह भी पढ़ें: UP का अगला मुख्यमंत्री कौन? पूर्व IG का सनसनीखेज दावा, योगी और अखिलेश में किसका पलड़ा भारी