UP Chunav 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ही सूबे में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गयी है. राजनीति पार्टियों का गठबंधन का दौर जारी है. वहीं बनते बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों के बीच यूपी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. आजाद समाज पार्टी के नेता चन्द्रशेखर रावण (Chandrashekhar Azad) ने साफ कर दिया है कि उनका समाजवादी पार्टी से कोई गठबंधन नहीं होने जा रहा है. ऐसे कयास लगए जा रहे थें कि भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर रावण और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Samajwadi Party Chife Akhilesh Yadav ) आज बड़ा ऐलान कर सकते हैं, पर खबर बिल्कुल इससे इतर आयी है.
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मेरी अखिलेश यादव से पिछले 6 महीनों में काफी मुलाकातें हुईं हैं. इस बीच सकारात्मक बातें भी हुई लेकिन अंत समय में मुझे लगा कि अखिलेश यादव को दलितों की ज़रूरत नहीं है. वह इस गठबंधन में दलित नेताओं को नहीं चाहते. वह चाहते हैं कि दलित उनको वोट करें. चंद्रशेखर ने अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात कही है. चंद्रशेखर ने कहा कि मैं स्वाभिमान की लड़ाई लड़ता हूं. चन्द्रशेखर ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव ने बहुजन समाज को अपमानित किया है. चंद्रशेखर ने कहा कि बहुजन समाज के अंदर एक डर था. हम कांशीराम को अपना नेता मानते हैं.
बता दें कि उत्तरप्रदेश में करीब 22 प्रतिशत दलित आबादी रहती है ये समुदाय पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर सीधा अपना प्रभाव रखते हैं. इतना ही नहीं यूपी की कुल 403 विधानसभा सीटों में से 85 सीटें दलितों के लिए आरक्षित हैं. इन सीटों पर बसपा का काफी अच्छा जनाधार है लेकिन पिछले दो चुनावों में यहां भी मायावती को नुकसान हुआ है.
