Ayodhya Ram Mandir : अयोध्यावासियों के लिए आज का दिन एतिहासिक है. आज 493 वर्षों के इंतजार के बाद रामलला चांदी के झूले में विराजे. ट्रस्ट की ओर से 21 किलो का रामलला के लिए चांदी का झूला तैयार किया गया है. सुबह 7 बजे पूजन-अर्चन के बाद रामलला को झूले पर बिठाया गया.
22 अगस्त तक झूलनोत्सव
भगवान राम का झूलनोत्सव सावन की पूर्णमा यानी 22 अगस्त तक चलेगा. ऐसे में पंचमी से लेकर पूर्णमा तक रामलला को झुलाया जाएगा. इस दृश्य को देखने के लिए भक्तजन काफी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं.
रामलला दरबार में धूम
राम मंदिर मामले के बाद ऐसा पहला मौका होगा जब रामलला के दरबार में झूलन उत्सव की धूम देखने को मिलेगी. रामलला के लिए 21 किलो चांदी का 5 फुट ऊंचा झूला बनवाया गया है. बता दें कि अयोध्या के सभी मंदिरों में तीज से ही झूलन उत्सव की शुरुआत हो जाती है, लेकिन राम मंदर में पंचमी से झूलन उत्सव की परंपरा है. श्रावण झूलोत्सव की परंपरा के तहत श्रीराम लला झूले पर पंचमी को विराजमान होते हैं. इस दौरान उनके लिए मंगल गीत गाए जाते हैं.
भाइयों के साथ विराजमान होंगे रामलला
भगवान श्रीरामलला चांदी के भव्य झूले पर विराजमान हो गए हैं. सुबह 7 बजे पूजन-अर्चन के बाद रामलला को झूले पर बिठाया गया. रामलला के इस ठाठ को देख मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास भावुक हो उठे. पंचमी को रामलला अपने भाइयों के साथ झूले पर विराजमान हुए.
सावन की परंपरा अनुसार झूला झुलाने की तैयारी
493 वर्ष पहले राम मंदिर तोड़े जाने के बाद से ही रामलला की सेवा-पूजा उपेक्षित रही है. नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम फैसला आने के साथ न केवल भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है, बल्कि रामलला के दरबार में सारे उत्सव होने लगे हैं, जो वैष्णव आस्था के शीर्ष केंद्र पर होने चाहिए.
Posted By Ashish Lata
