Rajasthan Lockdown: कर्फ्यू लागू कराने गये पुलिस दल पर टोंक में हमला, तीन पुलिसकर्मी घायल, आठ गिरफ्तार

police team going to enforce curfew attacked in tonk district of rajasthan जयपुर : राजस्थान के टोंक शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ अभियान में लगे एक पुलिस दल पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. इसमें तीन पुलिस वाले घायल हो गये. उपमुख्यमंत्री और टोंक से विधायक सचिन पायलट ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाही की जायेगी, जबकि भाजपा ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है.

जयपुर : राजस्थान के टोंक शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ अभियान में लगे एक पुलिस दल पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. इसमें तीन पुलिस वाले घायल हो गये. उपमुख्यमंत्री और टोंक से विधायक सचिन पायलट ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाही की जायेगी, जबकि भाजपा ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है.

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सूत्रों के अनुसार, घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के कसाई मोहल्ले में उस समय घटित हुई, जब कुछ लोगों ने सादी वर्दी में आये तीन पुलिसकर्मियों की स्थानीय व्यक्ति राशिद के साथ कथित हाथापाई का विरोध किया. पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमले की घटना को गंभीरता से लिया गया है और टोंक के पुलिस अधीक्षक को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये गये हैं.

पुलिस महानिदेशक ने जयपुर में बताया कि कर्फ्यू का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस दल क्षेत्र में गश्ती कर रहा था. वहां कुछ युवकों से पुलिस ने पूछताछ की. उनके बीच में कुछ नोंक-झोंक हुई. उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने अपने अनुसार स्थिति की व्याख्या की और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया. पुलिस महानिदेशक ने कहा कि टोंक पुलिस अधीक्षक को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि लोगों के बीच फिर से कोई भ्रम न पैदा हो.

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टोंक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विपिन शर्मा ने बताया कि घटना में घायल हुए तीन पुलिसकर्मियों कांस्टेबल राजेंद्र, रामराज और भागचंद को स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया और हमले के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में खलील, फराज, सानू, खालिद, शरीफर्ररहमान, आमद मियां और शहजाद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 353 (राजकार्य में बाधा), 332 (सरकारी कर्मचारी से मारपीट करने) और 307 (जानलेवा हमला) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है. मामले की जांच की जा रही और इसमें और भी लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है.

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उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने टोंक में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ अभियान में ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों पर हमले की घटना की निंदा करते हुए शुक्रवार को कहा कि इस तरह के हमलों को कतई सहन नहीं किया जायेगा. टोंक से विधायक पायलट ने इस मामले को लेकर दो ट्वीट किये, जिसमें उन्होंने लिखा है कि वह टोंक में पुलिसकर्मियों पर दुर्भाग्यपूर्ण हमले की निंदा करते हैं और घायल सिपाहियों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं.

इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि ‘कोरोना वारियर’ पर हमले को कतई सहन नहीं किया जायेगा. पायलट के अनुसार, इस मामले की जांच के आदेश दे दिये गये हैं. प्राथमिकी में जिन सात लोगों के नाम थे, उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है.

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पायलट के अनुसार, ‘जो लोग भी हिंसा में संलिप्त होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.’ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि टोंक के कसाई मोहल्ले में कर्फ्यू के दौरान लोगों को घरों में रहने के लिए समझाने गये पुलिसकर्मियों पर हमले की वह कड़ी निंदा करते हैं. उन्होंने राज्यपाल कलराज मिश्र से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है.

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By Mithilesh Jha

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