बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है. इसके असर से ओडिशा में शनिवार, 12 सितंबर तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है. राज्य पहले ही इस मानसून में दो बार बाढ़ का सामना कर चुका है. मंगलवार (8 सितंबर) सुबह तक पिछले 24 घंटे में ओडिशा के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. मयूरभंज और नबरंगपुर जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई.
मौसम में बदलाव को देखते हुए कई क्षेत्रों में सतर्क रहने की जरूरत है. बारिश के दौरान गरज-चमक और तेज हवा भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. इस दौरान मयूरभंज जिले के चंदुआ कुलियाना में 15 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि नबरंगपुर के तेंतुलीखुंटी में आठ सेंटीमीटर बारिश हुई.
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र कब बनेगा?
आईएमडी के मुताबिक, 11 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है. इसका असर उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों पर भी पड़ सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि सिस्टम बनने के बाद ओडिशा में बारिश और मौसम पर इसके असर का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया जाएगा.
12 सितंबर तक भारी बारिश का पूर्वानुमान
आईएमडी ने बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है. विभाग ने 12 सितंबर तक भारी बारिश का भी पूर्वानुमान जताया है. मौसम विभाग ने नौ सितंबर को बालासोर, सुंदरगढ़, संबलपुर, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में भारी बारिश के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की है.
विभाग ने कहा कि इन इलाकों में गरज के साथ बारिश होने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, झारसुगुड़ा, बारगढ़, देवगढ़, अंगुल, ढेंकानाल, गजपति, गंजाम, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में भारी बारिश के लिए येलो चेतावनी जारी की गयी है.
