Angul news : अनुगूल जिले का तालचेर शहर अब वायु प्रदूषण (एयर पॉल्यूशन) के मामले में देश के प्रदूषित शहरों में आगे निकलता जा रहा है. यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 380 है, जो दिल्ली से भी ज्यादा है. तालचेर की इस स्थिति ने लोगों को चिंतित कर दिया है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार, पिछले 24 घंटों में तालचेर में औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 380 था, जो देश में सबसे ज्यादा है. अंगुल में यह 346, कटक में 324, बालासोर में 318, भुवनेश्वर में 317, बारीपदा में 312 और क्योंझर में 311 था. इधर, अनुगूल जिलापाल ने बढ़ते एयर पॉल्यूशन को कंट्रोल करने के लिए एक ऑर्डर जारी किया है. ऑर्डर के मुताबिक हर दिन शाम 6.00 से सुबह 10.00 बजे तक तोड़-फोड़ और मिट्टी खोदने जैसे सभी कंस्ट्रक्शन के कार्यों पर रोक लगा दी गयी है. नेशनल हाइवे अथॉरिटी और एमसीएल नगरपालिका की सभी सड़कों पर दिन में कम से कम तीन बार पानी का छिड़काव करेगी. इसके अलावा तालचेर शहर में भारी ट्रकों की एंट्री पूरी तरह से रोक दी गयी है. तालचेर के उपजिलापाल रोजाना स्थिति पर नजर रखेंगे और रोजाना की रिपोर्ट देंगे. इसके अलावा, पुलिस, नगर पालिका, सभी एग्जीक्यूटिव एजेंसियों और ट्रांसपोर्ट को इसका सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है. सरकार का कहना है कि वे प्रदूषण को कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे.
जानकारी के अनुसार पब्लिक सड़कों पर कोयले की ढुलाई इसकी मुख्य वजह है. कोयले की ढुलाई के दौरान धूल और प्रदूषित कण हवा में फैल जाते हैं, जिसका सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है. यहां सुबह की सैर भी खतरनाक है और आम सर्दी-खांसी से परेशान लोगों की संख्या बढ़ रही है. इसके अलावा औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों के धुएं से भी प्रदूषण बढ़ रहा है.क्या है एक्यूआइ:
एक्यूआइ यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स हवा की गुणवत्ता को मापने का एक तरीका है. यह 0 से 500 तक होता है, जहां 0 सबसे अच्छा और 500 सबसे खराब होता है. एक्यूआइ के अनुसार, 0-50 अच्छा, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बहुत खराब और 401-500 गंभीर होता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
