Sambalpur News: अनुगूल वन मंडल में हाथियों का अत्याचार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. इस महीने हाथियों के हमलों में सात लोगों की मौत हो चुकी है. हाथियों के हमलों के डर से गांवों से लेकर शहरों तक लोग गहरी चिंता और डर में जी रहे हैं. इसे लेकर सोमवार को एसयूसीआइ (कम्युनिस्ट) जिला कमेटी के एक प्रतिनिधि दल अनुगूल डीएफओ नीतीश कुमार से मुलाकात की और उन्हें पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा और विस्तृत चर्चा की.
हाथियों के हमले में मृत लोगों के आश्रितों को मिले 25 लाख मुआवजा
ज्ञापन में इंसानों को मारने वाले हाथियों को तुरंत दूसरी जगह बसाने, हाथियों के हमले में मरने वालों के परिवारों को कम से कम 25 लाख रुपये का मुआवजा देने, हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए कदम उठाने और प्रभावित लोगों को सही मुआवजा देने, हाथी-मानव टकराव रोकने के लिए गांवों में बड़े पैमाने पर जन जागरुकता कार्यक्रम चलाने, प्राकृतिक जंगल के संसाधनों और हाथियों के पैदल रास्तों की रक्षा करने तथा प्राकृतिक संसाधनों का दुरुपयोग रोकने की मांगें शामिल हैं.
हाथियों को दूसरी जगह बसाने को उठाये जायेंगे कदम : डीएफओ
डीएफओ नीतिश कुमार ने बताया कि इंसानाें को मारनेवाले हाथियों की पहचान वन विभाग करेगा और उन्हें दूसरी जगह बसाने के लिए कदम उठाये जायेंगे. उन्होंने कहा कि हाथियों के हमले में मारे गए लोगों के परिवारों को अभी 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है और सरकार से इस रकम को बढ़ाने का अनुरोध किया जायेगा. साथ ही डीएफओ ने भरोसा दिलाया कि वन विभाग लोगों की हाथी व अन्य जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए और ज्यादा उपयोगी कदम उठायेगा. इस प्रतिनिधि दल में शामिल एसयूसीआइ (कम्युनिस्ट) जिला कमेटी के सदस्य नवकिशोर प्रधान, तीर्थबास भोई, मानस पाल, सुभाष प्रधान, संजय साहू, नारायण नायक, मलय बेहेरा, विष्णु साहू, दुखबंधु बेहेरा, प्रदीप माझी ने चेतावनी दी है कि अगर वन विभाग उनकी पांच सूत्री मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है, तो डीएफओ कार्यालय के समक्ष जाेरदार आंदोलन किया जायेगा.
