Rourkela News: आधे घंटे की बारिश में राउरकेला रेलवे स्टेशन का सेकेंड इंट्री गेट बना तालाब

Rourkela News: आधे घंटे की बारिश में राउरकेला रेलवे स्टेशन का सेकेंड इंट्री गेट एक बार फिर पानी-पानी हो गया. जिससे रेल यात्रियों को परेशानी हुई.

Rourkela News: स्मार्ट सिटी राउरकेला के रेलवे स्टेशन का सेकेंड इंट्री गेट शुक्रवार को आधे घंटे की बारिश में तालाब में तब्दील हो गया. इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. रेलवे जीएम और चक्रधरपुर डीआरएम के लगातार दौरे के बावजूद राउरकेला रेलवे स्टेशन में स्थिति जस की तस बनी हुई है, जो रेलवे प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है.

प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग

शुक्रवार की दाेपहर करीब आधे घंटे की बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी. सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई. स्टेशन के सेकेंड इंट्री गेट के पास तो स्थिति और भी खराब थी, जहां पानी भरने से आम लोगों और रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर की जल निकासी व्यवस्था बहुत खराब है. नालों की सफाई नहीं होने के कारण पानी सड़कों पर आ जाता है, जिससे परेशानी होती है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाये, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो.

संबलपुर : हीराकुद डैम के 20 गेट खोले गये

ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी वर्षा से बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए हीराकुद बांध प्राधिकरण ने शुक्रवार को चार और गेट खोल दिये. इसके साथ कुल 20 गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है. वर्तमान में बायें तट पर 13 और दायें तट पर सात गेटों से पानी की निकासी हो रही है. बांध अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल जलाशय में 2,09,512 क्यूसेक प्रति सेकेंड पानी प्रवेश कर रहा है, जबकि 2,27,308 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. बांध का जलस्तर अब अधिकतम क्षमता से केवल साढ़े तीन फीट नीचे है. इसके बावजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महानदी में फिलहाल बाढ़ का कोई तात्कालिक खतरा नहीं है, क्योंकि बांध में पर्याप्त जलधारण क्षमता मौजूद है.

बांध में पानी की आवक बढ़ी, तो और गेट खोले जायेंगे

अधिकारियों ने संकेत दिया कि यदि जलप्रवाह और बढ़ा तो अतिरिक्त गेट खोले जा सकते हैं. बांध से छोड़ा गया पानी लगभग 30 घंटे में मुंडली पहुंचने की संभावना है. हीराकुद डैम का गेट खोले जाने के बाद निचले हिस्से में नदी में जल प्रवाद तेज होने और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका है. ऐसे में जान-माल की सुरक्षा के लिए नदी तल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को दूर रहने और सभी एहतियाती उपाय करने की सलाह दी गयी है. गौरतलब है कि डैम का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए, जलभंडार से चरणबद्ध तरीके से गेट खोले जा रहे थे. गुरुवार को 14 गेट खोले गये थे. जिन्हें बाद में बढ़ाकर 16 किया गया था. अब शुक्रवार को 20 गेट खोल दिये गये.

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Published by: Bipin kumar yadav

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