Bhubaneswar News: ओडिशा पुलिस ने 16 जुलाई से पुरी में शुरू होने वाली वार्षिक रथ यात्रा के लिए थल, जल और वायु से निगरानी समेत बहुस्तरीय सुरक्षा योजना तैयार की है. यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि सुरक्षा योजना में मुख्य रूप से भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया गया है.
16 जुलाई से शुरू होगी नौ दिवसीय यात्रा
अधिकारियों के अनुसार, 16 जुलाई से शुरू होने वाली नौ दिवसीय रथ यात्रा के लिए करीब 12,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. वहीं, हवाई सुरक्षा के लिए ड्रोन और एंटी-ड्रोन उपकरणों की तैनाती की जाएगी. समुद्री क्षेत्र में भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और ओडिशा पुलिस के समुद्री थाने की संयुक्त गश्त व्यवस्था बनायी गयी है. इसके अलावा जहाजों पर त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) भी तैनात किये जायेंगे. ओडिशा पुलिस की सुरक्षा योजना को मंगलवार को हुई समन्वय बैठक में साझा किया गया. रथ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), भारतीय तटरक्षक बल सहित कई महत्वपूर्ण एजेंसियों की तैनाती की जाएगी. बैठक की अध्यक्षता ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाइबी खुरानिया ने की.
बम निरोधक जांच को किया जायेगा कड़ा
बैठक में रथ यात्रा के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), एनएसजी के दलों और एनएसजी त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती और रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गयी. डीजीपी ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और भारतीय तटरक्षक बल को इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया. ओडिशा पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, महत्वपूर्ण स्थानों पर बम निरोधक जांच को और कड़ा किया जायेगा तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जायेगी. बयान में कहा गया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्ता दल को हर समय सतर्क रखने की रणनीति बनायी गयी है. इसके अलावा डीजीपी ने मंदिर के आसपास सुरक्षा वाहनों की तैनाती, के-9 दस्ते, एनएसजी प्रशिक्षित एसओजी टीम और विशेष सामरिक इकाई (एसटीयू) की तैनाती पर भी विस्तार से चर्चा की. पुलिस ने भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनायी है. इसके तहत पुलिस बल के ठहरने की व्यवस्था, वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग, बैरिकेड लगाने, जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर त्वरित समस्याओं के समाधान और श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे.
