बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बना, बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना

बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी। बाढ़ से प्रभावित 95 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

भुवनेश्वर : पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट से सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है. इसके प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक उमाशंकर दाश के अनुसार, सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से बना यह सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर दिशा की ओर बढ़ सकता है और इसके और अधिक मजबूत होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने क्योंझर, मयूरभंज और बालेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जतायी है. मयूरभंज और बालेश्वर के लिए रेड वार्निंग जारी की गयी है, जहां बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है.

बिजली कंपनी ने बगैर सूचना दिये नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा

क्योंझर जिले में बाढ़ की स्थिति के दौरान अधिकारियों को सूचित किए बिना वैतरणी नदी में कथित तौर पर अतिरिक्त पानी छोड़ने के मामले में ओडिशा सरकार ने शनिवार को एक निजी बिजली उत्पादन कंपनी के खिलाफ जांच के आदेश दिये. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने उत्तरी ओडिशा में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद कहा कि पानी छोड़े जाने से क्योंझर जिले के कुछ हिस्सों में स्थिति और बिगड़ गयी. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि एक निजी बिजली उत्पादन कंपनी ने अधिकारियों या जिला प्रशासन को सूचित किए बिना वैतरणी नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ दिया, जिससे क्योंझर जिले में बाढ़ की स्थिति बिगड़ गयी. पुजारी ने कहा कि उन्होंने क्योंझर के जिलाधिकारी को मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.


जाजपुर में बचाव कार्य में जुटी टीम.

ओडिशा में बाढ़ : 95 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

ओडिशा के छह जिलों में शनिवार को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही. पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के कारण राज्य सरकार ने निचले इलाकों से 95 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसइओसी) के अनुसार बाढ़ से बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, क्योंझर और केंद्रपाड़ा जिलों के 52 प्रखंडों के 503 गांवों में लगभग 2.70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. इन जिलों में वैतरणी, ब्राह्मणी, जालका और बूढ़ाबलंगा नदियों तथा उनकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हुआ है.

राहत एवं बचाव कार्य तेज

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि उत्तरी ओडिशा में बारिश जारी रहने के बीच राज्य प्रशासन ने बचाव और राहत कार्यों को तेज कर दिया है. आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कुल 95,206 लोगों को 226 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है, जहां पका हुआ भोजन, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, रोशनी और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गयी है. पुजारी ने कहा कि संबंधित जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (डीइओसी) के साथ समन्वय करके स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर और क्योंझर जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव, राहत और आपातकालीन कार्यों के लिए 118 प्रतिक्रिया दल तैनात किये हैं. मंत्री ने कहा कि सभी नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर एहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं.


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By Bipin kumar yadav

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