झारसुगुड़ा : झारसुगुड़ा के वीर सुरेंद्र साय एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में तैयारियां तेज हो गयी हैं. फेज-2 विस्तार के लिए आवश्यक अतिरिक्त जमीन की पहचान और अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है. इसी क्रम में दुर्लगा क्षेत्र में निजी जमीन की पहचान की गयी है. प्रस्तावित विस्तार में नया टर्मिनल-2 प्रमुख हिस्सा होगा. हालांकि टर्मिनल-2 के निर्माण की अब तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसके लिए जमीन की व्यवस्था की प्रक्रिया आगे बढ़ने से शीघ्र ही केंद्र से मंजूरी मिलने और औपचारिक घोषणा की उम्मीद जगी है.
बोइंग-777 जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए सुविधाएं होंगी विकसित
मार्च 2026 में एयरपोर्ट विस्तार को लेकर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन ने अतिरिक्त 235 एकड़ जमीन की आवश्यकता बतायी थी. जमीन अधिग्रहण के बाद रनवे तथा टर्मिनल की आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर अधिक यात्रियों को सुविधा देने और बड़े विमानों के संचालन का लक्ष्य है. विस्तार का उद्देश्य केवल यात्री सुविधाओं में वृद्धि करना नहीं, बल्कि एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना भी है. बोइंग-777 जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए आवश्यक रनवे और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है.
4000 वर्गमीटर है वर्तमान टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल
वर्तमान टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल करीब 4,000 वर्गमीटर है. एयरपोर्ट को पहले ए-320 श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित किया गया था. अब विमान सेवाओं और यात्रियों की संख्या बढ़ने से मौजूदा आधारभूत ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है. ऐसे में नये टर्मिनल, रनवे विस्तार और अन्य सुविधाओं की जरूरत महसूस की जा रही है.
मालीमुंडा, डालमाल और दुर्लगा क्षेत्र में उपलब्ध करायी गयी 107.70 एकड़ जमीन
राज्य सरकार ने भी एयरपोर्ट के विकास के लिए पहले सहयोग किया है. मालीमुंडा, डालमाल और दुर्लगा क्षेत्र में कुल 107.70 एकड़ जमीन एयरपोर्ट के लिए उपलब्ध कराने से संबंधित पंजीकरण शुल्क और स्टांप ड्यूटी में छूट की मंजूरी दी गयी थी. वीर सुरेंद्र साय एयरपोर्ट के फेज-2 का विकास प्रस्ताव लंबे समय से केंद्र सरकार के विचाराधीन है. पूर्व की योजनाओं में रनवे विस्तार, रनवे स्ट्रिप की सुरक्षा, विमान संचालन सुविधाओं के विकास और अतिरिक्त जमीन की जरूरत जैसे कार्य शामिल रहे हैं.
2018 में शुरू हुई थी वाणिज्यिक विमान सेवा
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान स्थापित इस एयरपोर्ट का आधुनिक स्वरूप विकसित करने का कार्य वर्ष 2009 के बाद तेज हुआ. सितंबर 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां से नियमित वाणिज्यिक विमान सेवा का शुभारंभ किया था. इसके बाद झारसुगुड़ा देश के कई प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से जुड़ चुका है. अब फेज-2 विस्तार और प्रस्तावित टर्मिनल-2 को लेकर पश्चिमी ओडिशा में नयी उम्मीद जगी है.
