Jharsuguda News: झारसुगुड़ा जिले में गैर-कानूनी फ्लाई ऐश डंपिंग रोकने के लिए डीएमएफ कॉन्फ्रेंस हॉल में जिलाधीश कुणाल मोतीराम चौहान की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को हुई. इसमें पर्यावरण संरक्षण, लोगों की सेहत और साफ-सफाई को ध्यान में रखते हुए गैर-कानूनी फ्लाई ऐश मैनेजमेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया गया.
फ्लाई ऐश से पर्यावरण और आम लोगों को खतरा
जिलाधीश चौहान ने बताया कि कुछ लोग और संगठन झारसुगुड़ा जिले में अलग-अलग जगहों पर गैर-कानूनी तरीके से फ्लाई ऐश डंप कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण और आम लोगों को खतरा है. इसे रोकने के लिए जिला स्तर पर स्पेशल टास्क फॉर्स बनेगी, जो 24 गुणा 7 काम करेगी. इस टास्क फॉर्स में पुलिस विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्व विभाग और औद्योगिक स्थलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. ये गैर-कानूनी डंपिंग का पता लगाकर तुरंत कानूनी कार्रवाई करेंगे. जिलाधीश चौहान ने निर्देश दिया कि फ्लाई ऐश ले जाने वाली सभी गाड़ियों की नियमित जांच होगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी. बैठक में सभी विभागों से तालमेल से काम करने और लोगों में जागरुकता फैलाने की अपील की गयी. आम लोगों से गैर-कानूनी फ्लाई ऐश डंपिंग की जानकारी देने का अनुरोध किया गया.
पीएम श्री विद्यालय और अस्पताल प्रबंधन की जिलापाल ने की समीक्षा
झारसुगुड़ा जिलाधीश कुणाल मोतीराम चव्हाण की अध्यक्षता में ओएसडब्ल्यूएएन (ओसवान) प्लेटफॉर्म के जरिए वर्चुअल मोड में पीएम श्री विद्यालय और अस्पताल प्रबंधन पर साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई. इस बैठक में जिला स्तर के सभी नोडल अधिकारियों में मुख्य विकास और कार्यकारी अधिकारी, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी के साथ किरमिरा, लखनपुर और झारसुगुड़ा ब्लॉक के ब्लॉक विकास अधिकारी, ब्रजराजनगर और बेलपहाड़ नगरपालिका के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और कार्यकारी अधिकारी और दूसरे फील्ड स्तर के स्टाफ शामिल हुए.
सिविल कार्यों में बेहतरीन कारीगरी बनाये रखी जाये
बैठक की शुरुआत जिलाधीश चव्हाण ने की. ब्लॉक विकास अधिकारी और कार्यकारी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में डीएमएफ, पीएमश्री, सीएसआर आदि योजनाओं के तहत स्कूलों और अस्पताल में हो रहे अलग-अलग कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति पर ब्लॉकवार पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) दिये. बैठक में जिलाधीश ने सभी लागू करने वाली एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि जिन स्कूलों और दूसरी संस्थाओं में निर्माण का काम चल रहा है, वहां पेड़ लगाये जायें, मॉडल ग्राम पंचायत, साफ-सफाई आदि के बारे में पूरी जानकारी दी जाये और सिविल कार्यों में बेहतरीन कारीगरी बनाये रखी जाये. जिलाधीश ने झारसुगुड़ा जिले के सभी समूह शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे झारसुगुड़ा नगरपालिका क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की जीपीएस के साथ 3-4 अलग-अलग एंगल की तस्वीरें तुरंत जमा करें, जो आगे के कार्यों के लिए काम आयेंगी.
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