प्रतिनिधि झारसुगुड़ा: झारसुगुड़ा जिले के लैयकरा ब्लॉक स्थित मुंद्राजोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर बदहाली सामने आई है. रविवार को शव वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण भातलईडा पंचायत के ओड़ियापाली गांव निवासी नरेश छत्रिया को अपनी मृत पत्नी यमुना छत्रिया का शव बाइक पर घर ले जाना पड़ा. इस अमानवीय और दुखद घटना ने पूरे जिले में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है. घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक दीपाली दास के निर्देश पर बीजद का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को ओड़ियापाली गांव पहुंचा और शोक संतप्त परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की.
इसके बाद झारसुगुड़ा के एक निजी होटल में प्रेस वार्ता आयोजित की गई. प्रेस वार्ता में जिला बीजद अध्यक्ष हरिश गणात्रा ने झारसुगुड़ा विधायक तथा राज्य सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि जिले की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर है.वरिष्ठ बीजद नेता तापश राय चौधरी ने आरोप लगाया कि यदि चिकित्सकों के अनुसार यह मेडिको-लीगल मामला था और पोस्टमार्टम आवश्यक था, तो फिर किस कानून के तहत केवल एक अंडरटेकिंग के आधार पर शव परिजनों को सौंप दिया गया?
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है? उन्होने प्रशासन के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें शव वाहन की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है.पार्टी ने मांग की कि वाहन कब रवाना हुआ और कब अस्पताल पहुंचा, इसकी पूरी टाइमलाइन सार्वजनिक की जाए.प्रेस वार्ता में जिला महिला अध्यक्ष जयंती बाहुक, जिला परिषद अध्यक्ष तुलाबती मिंज,र्पुव नगरपाल व वरिष्ठ वकील तापस राय चौधरी, रवि सिंह, लैयकरा पंचायत समिति अध्यक्ष संजीत कुमार नायक, ब्लॉक अध्यक्ष सत्य प्रकाश नायक, आलोक त्रिपाठी, भगवती बेहरा, समिति सदस्य अनुपमा जयपुरिया तथा नीलिमा माझी सहित अन्य बबीजद नेता उपस्थित थे. फोटो-
