भुवनेश्वर : ओडिशा के गैर-अनुदान प्राप्त स्कूलों और कॉलेजों के सैकड़ों शिक्षकों ने शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर भुवनेश्वर के महात्मा गांधी मार्ग पर प्रदर्शन किया. शिक्षक अनुदान सहायता, पेंशन सुविधा और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर धरना पर बैठे हैं.
शनिवार को 21वें दिन जारी रहा धरना
ओडिशा स्कूल-कॉलेज शिक्षक एवं कर्मचारी समन्वय समिति के बैनर तले चल रहा आंदोलन शनिवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गया. शिक्षकों ने शिक्षक दिवस के बावजूद महात्मा गांधी मार्ग पर चौबीसों घंटे धरना जारी रखा. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बार-बार ज्ञापन और अनुरोध के बावजूद सरकार द्वारा उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण उन्हें कक्षाएं छोड़कर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा. शिक्षकों की प्रमुख मांगों में 194 हाइस्कूलों को अनुदान सहायता व्यवस्था के दायरे में लाना अथवा सहायता प्राप्त स्कूलों के समान वित्तीय सहायता प्रदान करना शामिल है. ------------
सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष करने की मांग
समिति के प्रतिनिधि सुभाष चंद्र दाश ने कहा कि इन संस्थानों के शिक्षक वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अनुदान प्राप्त संस्थानों के शिक्षकों को मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा गया है. उन्होंने अनुदान सहायता, पेंशन, रिक्त पदों को भरने और सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को पेंशन सुविधा देने तथा शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की भी मांग उठायी. एक अन्य शिक्षक ने गैर-अनुदान प्राप्त संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के साथ कथित भेदभाव समाप्त करने की मांग की. उन्होंने 194 हाइस्कूलों को अनुदान सहायता के दायरे में लाने या सहायता प्राप्त स्कूलों के समान वित्तीय सहायता देने तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन सुविधा प्रदान करने की मांग की.
मांगे पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन
महिला शिक्षिका सुरमा पटेल ने राज्य सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें शिक्षक दिवस भी आंदोलन करते हुए बिताना पड़ रहा है. समिति ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से ठोस कदम उठाये जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
