Rourkela News : सुंदरगढ़ के तीन वन मंडलों में प्रतिवर्ष औसतन छह हाथियों की होती है मौत

सुंदरगढ़, राउरकेला व बणई मंडल में 2019 से 2025 तक 41 हाथियों की हुई मौत

– सुंदरगढ़, राउरकेला व बणई मंडल में 2019 से 2025 तक 41 हाथियों की हुई मौत Rourkela News : सुंदरगढ़ जिले के तीन वन मंडल सुंदरगढ, राउरकेला व बणई में सालोंभर हाथी व मानव का संघर्ष जारी रहता है. वन विभाग के पास हाथियों के झुंड की रक्षा के लिए कई योजनाएं हैं. बावजूद इसके विभिन्न कारणों से एक के बाद एक हाथी मर रहे हैं. असुरक्षित जंगल, ट्रेन दुर्घटनाएं, बिजली का झटका, गड्ढों और खाइयों में गिरना आदि कारणों से हाथियों की मौत हो रही है. जिले के तीन वन मंडल सुंदरगढ़, बणई और राउरकेला में 19 रेंज हैं. इन तीनों वन क्षेत्रों के विभिन्न जंगलों में 192 से अधिक नर, मादा और हाथी के बच्चे रहते हैं. 2019 से 2025 तक (सात वर्षों) में 41 हाथियों की मौत हो चुकी है. इसका मतलब है कि सुंदरगढ़ में प्रतिवर्ष औसतन छह हाथियों की मौत होती है. इनमें सबसे अधिक बणई वन मंडल में 19 हाथियों की मौत हुई है. इसके बाद राउरकेला में 18 और सुंदरगढ़ में चार हाथी मारे गये. वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राउरकेला वन मंडल के बिसरा रेंज के महीपानी संरक्षित वन में फरवरी, 2019 में ट्रेंच में गिरने से हाथी के एक बच्चे की मौत हुई थी. इसी प्रकार 2019 में राउरकेला वन मंडल के बिसरा रेंज में दो हाथियों की मौत हुई और बांकी और पानपोष रेंज में एक-एक हाथी की मौत हुई. 2020 में बिसरा रेंज के अंतर्गत खैरटोला, कुआरमुंडा रेंज कलुंगा के सान डोलाकुदर में एक-एक हाथी की मौत हुई. 2021 में बिसरा रेंज के महीपानी के पास एक ट्रेन दुर्घटना में एक नर और एक मादा हाथी की मौत हो गयी थी. वर्ष 2022 में बांकी रेंज में दो और कुआरमुंडा रेंज में एक हाथी की मौत हुई. 2024 में पानपोष रेंज में अधिकतम तीन और बांकी रेंज में एक हाथी समेत कुल चार हाथियों की मौत हुई. 14 अक्तूबर, 2024 को, बंडामुंडा और कुर्डा रेलवे स्टेशनों के पास रेलवे लाइन पार करते समय एक नर हाथी की ट्रेन दुर्घटना में मौत हो गयी. पिछले 5 वर्षों में बणई अनुमंडल में मारे गये 18 हाथियों में से केवल 7 कोइडा रेंज में, 3 तामड़ा रेंज में, 5 जरडा रेंज में, 2 बरसुआं रेंज में और एक की बणई में मौत हुई. सुंदरगढ़ वन मंडल के हेमगिर रेंज में दो, उज्ज्वलपुर रेंज में एक और 2025 में एक हाथी की मौत हुई. जनवरी 2025 में, बांकी रेंज के करडा नाले में छह महीने के हाथी के बच्चे की मौत हो गयी थी. सितंबर में राजगांगपुर रेंज के सोनाखान और सागरा स्टेशनों के बीच एक ट्रेन दुर्घटना में एक नर हाथी की मौत हो गयी. इसी तरह 31 मार्च 2025 को बणई वन मंडल जरदा रेंज में एक हाथी की मौत हुई थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By SUNIL KUMAR JSR

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