Rourkela News: 11 करोड़ हुए खर्च, फिर भी एनएच-143 की हालत खस्ता

Rourkela News: बिरमित्रपुर में एनएच-143 की मरम्मत पर 11 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. लेकिन इसकी हालत एक बार फिर खस्ता हो गयी है.

Rourkela News: सुंदरगढ़ जिले का बिरमित्रपुर शहर ओडिशा का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है. राष्ट्रीय राजमार्ग-143 इसी बिरमित्रपुर शहर से होकर गुजरता है. यह झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और विभिन्न राज्यों को भी जोड़ता है. हजारों वाहनों का रोजाना इस राष्ट्रीय राजमार्ग से आवागमन होता है.

मरम्मत के दो साल के भीतर उखड़ी पिच, जगह-जगह गड्ढे

सरकार को इस राष्ट्रीय राजमार्ग से करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों की शिकायत है कि एनएचएआइ के अधिकारी इस राष्ट्रीय राजमार्ग की बार-बार अनदेखी कर रहे हैं. बिरमित्रपुर के रास्ते राउरकेला को झारखंड से जोड़ने वाला यह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 143 कई वर्षों से मरणासन्न बना हुआ था. कई विरोध प्रदर्शनों और नाकेबंदी के बाद एनएचएआइ की ओर से 11 करोड़ से ज्यादा की लागत से इस राजमार्ग की मरम्मत की गयी थी. हालांकि, मरम्मत के दो साल के भीतर ही इस राजमार्ग की दोबारा वही हालत हो गयी है. इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर डाली गयी पिच कई जगहों से उखड़ गयी है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. दो सालों में यह राष्ट्रीय राजमार्ग कई लोगों की जान ले चुका है. लोगों ने इस समस्या को लेकर कई बार एनएचएआइ अधिकारियों से संपर्क किया है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है.

खुली नालियों में गिरकर घायल हो रहे लोग

यह राष्ट्रीय राजमार्ग अब लोगों के लिए काल बन गया है. समस्या यहीं खत्म नहीं हुई है, राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर नालियां बनायी गयी थीं, लेकिन उनकी हालत भी दयनीय है. नाले की हालत ऐसी है, जहां भी नाला जाता है, उसकी नींव टूट गयी है और वह ऐसे ही खुला पड़ा है. लोगों ने शिकायत की है कि नाले में आये दिन कोई न कोई दुर्घटना हो रही है. नाला अब लोगों, गायों, कुत्तों, बकरियों के लिए खतरा बन गया है. प्रशासन सब कुछ जानते-सुनते हुए भी इस मामले पर चुप है. राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत ऐसी है कि कई जगह से पिच उखड़ गयी है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. उसमें पानी भी बह रहा है. आये दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है.

भारी वाहनों के आवागमन से उड़ती धूल लोगों को कर रही बीमार

बिरमित्रपुर में बीएसएल कंपनी समेत बड़ी-बड़ी औद्योगिक कंपनियों के भारी वाहन दौड़ रहे हैं. भारी वाहनों के आवागमन के कारण धूल के कारण लोग तरह-तरह की बीमारियों से भी ग्रस्त हो रहे हैं. बारिश के दिनों में तो स्थिति जानलेवा भी हो जाती है. गड्ढों में पानी भर जाने से लोग हादसों का शिकार भी हो रहे हैं. इतना सब होने के बावजूद, राज्य की प्रमुख सड़कों में से एक राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दशा को लेकर स्थानीय लोग और विभिन्न संगठन कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर चुके हैं और लंबे समय से राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों को सूचित कर तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं. आरोप है कि सड़क का काम बेहद घटिया स्तर का किया गया था. वहीं, खुला नाला भी लोगों के लिए अभिशाप बन गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Bipin kumar yadav

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >