महाराष्ट्र में बारिश की कमी के कारण बनी सूखे जैसी स्थिति के बीच राज्य सरकार ने राहत उपायों की प्रक्रिया तेज कर दी है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 22 सितंबर 2026 को मुंबई में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि राज्य में सूखा के संबंध में पहली अधिसूचना शनिवार से पहले जारी की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि फसल नुकसान की जमीनी जानकारी जुटाने के लिए बुधवार से पंचनामे शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.
किन फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान?
फडणवीस के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में अकाल की स्थिति दिखाई दे रही है और कई जगह फसलें सूख गई हैं. उन्होंने विशेष रूप से सोयाबीन, मक्का और कपास पर ज्यादा असर होने की बात कही. कुछ क्षेत्रों में ज्वार और धान की फसल को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्ध प्राथमिक डेटा के आधार पर पहली अधिसूचना जारी की जाएगी. इसके बाद भी नई जानकारी और आंकड़े मिलने पर जरूरत के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों को इसमें शामिल किया जा सकेगा.
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कल से खेतों में शुरू होंगे पंचनामे
सरकार ने 23 सितंबर से फसल नुकसान के पंचनामे शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इसका उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में वास्तविक नुकसान का आंकड़ा जुटाना है, ताकि किसानों के लिए राहत उपायों और केंद्र सरकार से मिलने वाली संभावित सहायता के लिए नियमानुसार प्रस्ताव तैयार किए जा सकें.
सूखे से राहत के लिए सरकार ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति भी बनाई है. समिति को सूखे की स्थिति से जुड़े जरूरी फैसले लेने के अधिकार दिए गए हैं.
