कोरोना संकट के इस दौर में आईआईटी मुंबई में एक अनोखा प्रयोग किया गया. एनिमेटेड मूवी की तर्ज पर हर छात्र का डिजिटल अवतार तैयार किया गया. छात्र अपने घर में थे और डिजिटल अवतार कॉलेज कैंपस में थे. दरअसल कोरोना संकट के इस दौर में आईआईटी मुंबई दीक्षांत समारोह का आयोजन होना था पर इसमें अधिक छात्र शामिल नहीं हो सकते थे इसलिए इस तरह का एक अनोखा उपाय निकाला गया. ताकि छात्र अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण पल के अनुभव को महसूस कर सकें.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई ने रविवार को कोविड -19 महामारी के मद्देनजर एक वर्चुवल रियेलीटी मोड में अपना 58 वां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित किया. आईआईटी मुंबई की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि महामारी के दौरान सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने अपने स्नातक छात्रों के लिए वीआर मोड में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया. आईआईटी मुंबई ने कहा कि वह छात्रों को प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान से पास होने की उपलब्धि और गर्व की भावना से वंचित नहीं करना चाहता था.
दीक्षांत समारोह के लिए प्रत्येक छात्र के लिए डिजिटल अवतार तैयार किया गया था. प्रत्येक अवतार को निदेशक प्रोफेसर सुभाशीष चौधरी के डिजिटल अवतार ने डिग्री प्रमाण पत्र दिया. इसके साथ ही संस्थान के पदक विजेताओं ने मुख्य अतिथि के व्यक्तिगत अवतार से भी पदक प्राप्त किए. इस दीक्षात समारोह की वीडियो ट्विटर भी वायरल हो रही है.
इस पूरे कार्यक्रम को डिजिटल तौर पर तैयार करने के लिए 20 लोगों की टीम ने पूरे दो महीने तक कार्य किया. इस दीक्षांत समारोह में उन वीडियों को भी दिखाया गया है जिसमें छात्र एक दूसरे से मिलते हैं और कैंपस की गलियारों में घूमते हैं.
वही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में कोविड-19 (Covid-19) के 22,80,566 मरीज ठीक हो गये हैं. ठीक होने की दर करीब 75 प्रतिशत हो गयी है और मृत्यु दर घटकर 1.86 प्रतिशत पर आ गयी है. मंत्रालय ने कहा कि लगातार ठीक हो रहे मरीजों के कारण वर्तमान में देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या कुल मामलों का 23.24 प्रतिशत है.
Posted By: Pawan Singh
