NSUI, ABVP Clash: पुणे के COEP टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी हॉस्टल में ABVP और NSUI-युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प को लेकर विवाद और बढ़ गया है. पुलिस ने ABVP सदस्य की शिकायत पर 50 से 60 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है. वहीं NSUI ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि CCTV फुटेज देखने से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी.
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले हुआ था विवाद
यह पूरा मामला कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम से पहले सामने आया. शुक्रवार को COEP हॉस्टल परिसर में ABVP और NSUI से जुड़े लोगों के बीच झड़प हुई थी. घटना के बाद शनिवार को हॉस्टल परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी तरह का नया विवाद न हो.
ABVP की शिकायत पर 50 से 60 लोगों पर केस
पुलिस के मुताबिक ABVP के एक सदस्य की शिकायत पर 50 से 60 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. मामले में भारतीय न्याय संहिता की मारपीट, गैरकानूनी सभा और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराओं के साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के प्रावधान लगाए गए हैं.
ABVP ने क्या आरोप लगाए?
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस से जुड़े कुछ कार्यकर्ता छात्राओं पर राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का दबाव बना रहे थे. यह भी दावा किया गया कि एक छात्रा से वीडियो बयान रिकॉर्ड करने के लिए कहा जा रहा था. ABVP सदस्यों का कहना है कि वे इसी मामले की जानकारी लेने हॉस्टल पहुंचे थे, जहां उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई.
NSUI बोली- आरोप पूरी तरह झूठे
ABVP के आरोपों पर NSUI के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सागर सालुंखे ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं और मामले की CCTV फुटेज देखी जानी चाहिए. सालुंखे का दावा है कि ABVP के लोग उनसे पहले हॉस्टल पहुंच गए थे और वहां छात्रों को धमका रहे थे.
सागर सालुंखे ने कहा- हमें हॉस्टल से फोन आया था
सागर सालुंखे ने कहा कि उन्हें हॉस्टल से फोन आया था कि कुछ छात्र डराए जा रहे हैं. उनके मुताबिक जब वे वहां पहुंचे तो बड़ी संख्या में छात्र ABVP से जुड़े लोगों का विरोध कर रहे थे. उन्होंने दावा किया कि छात्रों ने शिकायत की कि हॉस्टल में लड़कियों को भी धमकाया गया था. इसके बाद वे अंदर गए और वहां छात्राओं से बातचीत की.
NSUI ने छात्राओं को डराने का लगाया आरोप
NSUI अध्यक्ष का कहना है कि हॉस्टल की कुछ छात्राएं डरी हुई थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्रों पर ऐसे वीडियो रिकॉर्ड करने का दबाव था, जिसमें वे प्रशासन से संतुष्ट होने की बात कहें. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के इनकार करने के बाद ABVP सदस्यों को वहां भेजा गया. हालांकि ये आरोप NSUI की ओर से लगाए गए हैं.
FIR पर भी NSUI का आक्रामक रुख
सागर सालुंखे ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज FIR से वे पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने इसे छात्रों के मुद्दों के लिए लड़ाई का हिस्सा बताते हुए कहा कि उनका संगठन आगे भी छात्रों की समस्याएं उठाता रहेगा. उन्होंने फीस बढ़ोतरी और छात्रों से जुड़े दूसरे फैसलों को वापस लेने की भी मांग की.
कांग्रेस नेताओं ने भी ABVP पर उठाए सवाल
घटना के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने भी हॉस्टल का दौरा किया था. उन्होंने दावा किया था कि ABVP से जुड़े लोग दो छात्राओं को डरा रहे थे. महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष अक्षय जैन ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि छात्राओं ने अपनी छात्रवृत्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंता जताई थी और छात्रों की गूंज कार्यक्रम का समर्थन किया था.
दोनों पक्षों के दावे बिल्कुल अलग
इस पूरे मामले में ABVP और NSUI के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. ABVP जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दबाव और मारपीट का आरोप लगा रही है, वहीं NSUI का कहना है कि छात्रों को ABVP की ओर से डराया जा रहा था. बहरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
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