Lok Sabha Election 2024 : प्रियंका गांधी को फिर नहीं मिला चुनाव लड़ने का मौका, रायबरेली से राहुल को टिकट दिए जाने पर कही ये बड़ी बात…

Lok Sabha Election 2024 में भी प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला है. इसपर पहली प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा है कि संचालन करने वाला भी तो होना चाहिए.

Lok Sabha Election 2024 : कांग्रेस पार्टी ने अंतत: अमेठी और रायबरेली से अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है और तमाम कयास पर अंकुश लगा दिया है. कांग्रेस की लिस्ट से यह साफ हो गया है कि रायबरेली सीट से इस बार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी चुनावी मैदान में हैं. सोनिया गांधी के राय बरेली सीट छोड़ने के बाद से इस तरह की संभावना जताई जा रही थी कि प्रियंका गांधी उस सीट से चुनाव लड़ेंगी, लेकिन पार्टी ने एक बार फिर प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ने का मौका नहीं दिया है. प्रियंका गांधी ने पार्टी के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि किसी को संचालन भी तो करना है.

प्रियंका गांधी ने फुरसतगंज एयरपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी

प्रियंका गांधी ने फुरसतगंज एयरपोर्ट पर चुनाव ना लड़ने पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सब चुनाव नहीं लड़ सकते हैं, संचालन भी तो करना है. अमेठी से किशोरी लाल शर्मा को टिकट दिए जाने पर उन्होंने खुशी जताई. प्रियंका गांधी ने अमेठी में कहा कि किशोरी जी हमारे काफी करीबी हैं और अमेठी को अच्छी तरह से जानते हैं, आप इन्हें मौका दें. प्रियंका गांधी ने एक्स पर पोस्ट भी लिखा कि किशोरी लाल शर्मा से हमारे परिवार का वर्षों का नाता है. अमेठी, रायबरेली के लोगों की सेवा में वे हमेशा जुटे रहे हैं. प्रियंका गांधी ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके चुनाव जीतने की उम्मीद जताई है.

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परिवार वाद के आरोपों से बचने के लिए प्रियंका को नहीं मिला मौका

राजीव गांधी के समय से ही प्रियंका गांधी अमेठी और रायबरेली जाती रही हैं और उनकी रुचि भी राजनीति में रही हैं. लेकिन सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ने से रोका है. इसकी वजह कांग्रेस पार्टी पर लग रहे परिवारवाद के आरोप हैं. राहुल गांधी ने जब कांग्रेस अध्यक्ष बनने से मना कर दिया था और प्रियंका के नाम की चर्चा पार्टी में हुई थी तब भी राहुल गांधी ने इसपर आपत्ति जताई थी.

रायबरेली सीट से इंदिरा और फिरोज गांधी भी लड़ चुके हैं चुनाव

रायबरेली सीट से शुक्रवार को राहुल गांधी अपना नामांकन दाखिल करेंगे. इससे पहले वे केरल के वायनाड से भी अपना पर्चा भर चुके हैं. रायबरेली सीट से सोनिया गांधी चुनाव लड़ा करती थीं, लेकिन इस बार से वो चुनाव नहींं लड़ रही हैं. सोनिया गांधी से पहले इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी भी इस सीट से चुनाव लड़ चुके हैं. यह गांधी परिवार के लिए काफी सुरक्षित सीट है. नामांकन की अंतिम तारीख 3 मई है और 20 मई को यहां मतदान होना है.

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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