नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट
Noamundi News : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी क्षेत्र में एक असहाय और बीमार महिला कई दिनों से नोवामुंडी रेलवे फाटक के पिलर नंबर 11 के नीचे भूख और बीमारी से जूझते हुए जीवन-यापन कर रही थी. उसकी स्थिति अत्यंत दयनीय थी और वह जिंदगी एवं मौत के बीच संघर्ष कर रही थी.
प्रभात खबर का असर, डीएलएसए ने लिया तत्काल संज्ञान
महिला की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रभात खबर के प्रतिनिधि ने मामले को प्रमुखता से उठाया और समाचार को प्रभात खबर के प्रिंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित किया. खबर सामने आने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), पश्चिमी सिंहभूम ने तत्काल संज्ञान लिया.
डीएलएसए की पहल पर महिला को मिला इलाज
प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन तथा डीएलएसए सचिव रवि चौधरी के नेतृत्व में महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई. उसका स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जगन्नाथपुर में कराया गया, जहां एमओआईसी डॉ. जयंतो कुमार ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया.
पहचान के बाद परिजनों को सौंपा गया महिला को
उपचार के साथ-साथ महिला की पहचान और उसके परिजनों की तलाश का अभियान भी चलाया गया. लगातार प्रयासों और विभिन्न स्तरों पर समन्वय के बाद महिला की पहचान स्थापित हुई और उसके परिवार का पता लगाया जा सका. अंततः महिला को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.
मीडिया और प्रशासन की पहल से महिला को मिला नया जीवन
इस मानवीय अभियान में पारा लीगल वॉलंटियर प्रमिला पात्रों और उमर सादिक की भूमिका भी सराहनीय रही. यह घटना इस बात का उदाहरण है कि मीडिया, प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता पहुंचाई जा सकती है. प्रभात खबर द्वारा प्रकाशित खबर के बाद हुई इस पहल ने न केवल एक असहाय महिला को नया जीवन दिया, बल्कि एक बिछड़े परिवार को फिर से मिलाने का कार्य भी किया.
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