जयदा मंदिर में शुक्रवार की रात करीब 11 बजे किया महाप्रयाण
चांडिल : श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महंत ब्रह्मनंद सरस्वती (82) ने शनिवार को जयदा स्थित प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण में भू-समाधि ले ली. फरवरी माह में कुंभ से लौटने के बाद से महंत ब्रह्मनंद सरस्वती की तबीयत खराब चल रही थी.
14 फरवरी को टीएमएच के आइसीयू में उन्हें भरती किया गया था. बाद में उनकी इच्छा अनुसार मंदिर प्रांगण में ही उन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया था. शुक्रवार की रात करीब 11 बजे महंत ब्रह्मनंद सरस्वती महाप्रयाण के पश्चात भू-समाधि तक मंदिर के पट को बंद कर दिया गया था.
शनिवार को मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं हुई. कई भक्त ब्रह्मनंद सरस्वती को श्रद्धासुमन अर्पित कर बगैर पूजा-अर्चना किये लौट गये. इसके पूर्व ब्रह्मनंद सरस्वती के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने के लिए मंदिर परिसर में सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा.
