नोवामुंडी : भाजपा नेता मंगल सिंह सुरेन के नेतृत्व में बुधवार को विद्युत आपूर्ति विभाग के कार्यालय पर भाजपाइयों ने राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना से वंचित गांवों को विद्युतीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. अधीक्षण अभियंता के नाम ज्ञापन सौंपा गया.
इसमें 15 मई को सड़क पर उतर कर जनांदोलन करने की चेतावनी भी दी गयी है. हालांकि विद्युत आपूर्ति विभाग के एसडीओ एसके सिंह गायब थे. जानकारी लेने पर पता चला कि वे जमशेदपुर में रहते हैं. महीने में दो चार दिन ही नोवामुंडी आते हैं. जमशेदपुर में रह कर एक ठेकेदार के माध्यम से मातहत कर्मचारियों पर आदेश का अनुपालन कराते हैं.
ज्ञापन देने पहुंचे भाजपाइयों को देख कर कर्मचारी कार्यालय में ताला बंद कर भाग गये. कर्मचारियों को क्वार्टर से बुला कर ज्ञापन सौंपा गया. इस मौके पर मुख्य रूप से नोवामुंडी प्रखंड अध्यक्ष बाबूलाल मांझी, जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष बंगाली प्रदान, राकेश राउत, मुकेश गोप, आदि कार्यकर्ता मौजूद थे.
क्या हैं मांग
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत गांव को विद्युतीकृत क्षेत्र घोषित कर दिया गया है, जबकि गांव के कई टोलों में विद्युतीकरण का कार्य नहीं किया गया है. नोवामुंडी व जगन्नाथपुर प्रखंड के अधिकांश गांव के लोग ढिबरी युग में जीने को अभिशप्त हैं. दर्जनों गांवों के ट्रांसफॉर्मर खराब पड़े हैं.
ये गांव हैं विद्युतीकरण से वंचित
जुगीनंदा, कड़ियासाई, बांसकटा, उइसिया, पोखरिया, राइका, बुरूबोड़ता, करंजिया, गुटूसाई लिपुंगा, डांगोवापोसी के मुंडासाई, मुर्गासाई, आमबगान, धुरमुसाई, लूटीबुरू, कांतिकोड़ा समेत दर्जनों गांव विद्युतीकरण से वंचित है.
आरोप बेबुनियाद : एसडीओ
विद्युत आपूर्ति विभाग के एसडीओ एसके सिंह ने कहा कि नोवामुंडी कार्यालय से गायब रहने का आरोप बेबुनियाद है. विभागीय काय हेतु चाईबासा, टाटा व रांची भी कभी कभार जाना पड़ जाता है. ऐसी स्थिति में गायब रहने के आरोप बेबुनियाद हैं.
