Big Breaking: झारखंड में भाई-बहन समेत 4 बच्चे जिंदा जले, पुआल में खेल रहे थे सभी

4 Children Burnt Alive in Jharkhand: झारखंड में भाई-बहन समेत 4 बच्चे जिंदा जल गये हैं. घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले में सुबह 10 बजे उस वक्त हुई, जब सभी पुआल में खेल रहे थे.

4 Children Burnt Alive in Jharkhand| जगन्नाथपुर (पश्चिमी सिंहभूम), संतोष गुप्ता : झारखंड में 4 बच्चे जिंदा जल गये हैं. ये बच्चे पुआल में खेल रहे थे. घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में हुई है. पुलिस ने बताया है कि थाना क्षेत्र के गीतिलिपि गांव में पुआल से घर में आग लग गयी, जिसकी चपेट में आने से भाई-बहन समेत 4 बच्चे जिंदा जल गये. सभी बच्चे पुआल में ही खेल रहे थे. घटना सोमवार 17 मार्च को सुबह 10 बजे के करीब हुई. पुलिस मौके पर पहुंची गयी है. बुरी तरह जल चुके सभी बच्चों के शवों को निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.

खलिहान की आग बुझाने में जुटे लोग. फोटो : प्रभात खबर

सभी बच्चों की उम्र 2 से 5 साल के बीच

जिंदा जले सभी बच्चे अबोध हैं. उनकी उम्र 2 से 5 साल के बीच है. मृतकों में 3 लड़के और एक लड़की है. बच्चों की पहचान अर्जुन चातर के बेटे प्रिंस चातर (5), चंद्रमोहन सिंकू के पुत्र साहिल सिंकू, (5), सुखराम सुंडी की बेटी भूमिका सुंडी (5) और बेटे रोहित सुंडी (2) के रूप में हुई है. ये सभी बच्चे खलिहान में खेल रहे थे. इसी दौरान आग लगी और सभी अबोध बच्चे जिंदा जल गये.

खलिहान में लगी आग. फोटो : प्रभात खबर

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सूचना मिलते ही एसडीओ, बीडीओ, सीओ पहुंचे

घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सत्यम कुमार, अंचल अधिकारी (सीओ) मनोज मिश्रा,एएसाई अजय सिंह मौके पर पहुंचे. एक साथ 4 मासूमों की मौत की घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है. जिस गांव में घटना हुई है, वह ओडिशा की सीमा से सटा है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गांव में लगे पुआल के ढेर पर बच्चे खेल रहे थे. तभी पुआल में आग लग गयी और सभी इसकी चपेट में आ गये.

खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी पहुंचे. जांच शुरू की. फोटो : प्रभात खबर

बच्चों की मदद के लिए कोई आगे क्यों नहीं आया?

पुलिस ने कहा है कि घटना के वक्त वहां कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद नहीं था, जो इन मासूमों को बचा लेता. कहा कि पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि पुआल में आग कैसे लगी और बच्चे जब उसकी चपेट में आये, तो उनकी मदद करने के लिए कोई क्यों नहीं आया.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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