चाईबासा : बहू को जलाकर मारने के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विजय शंकर शुक्ला कीअदालत ने आरोपी सास गनोर कुई व ससुर शालुका उर्फ दिशा सुंडी को छह साल 8 दिन की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है.
दोनों पर एक–एक हजार का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माना नहीं भरने पर 15 दिन अतिरिक्त जेल काटना होगा. टोंटो थाना अंतर्गत कैनुवा गांव निवासी बिरसा तुबिद ने मुफ्फसिल थाने में 16.08.2007 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
जिसमें बताया था कि उसकी बेटी शकुंतला तुबिड घर से भागकर मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बड़ालगिया गांव निवासी सालुका उर्फ दिशा सुंडी के पुत्र बबलू सुंडी से शादी कर ली थी. दहेज में एक बकरा व तीन मुर्गी दिया गया था जबकि एक जोड़ी बैल वर्ष 2007 अंत तक देने की बात थी.
इस बीच काम करने के लिये दामाद के चेन्नई जाने के बाद शकुंतला को ससुरालवाले प्रताड़ित करने लगे. मायके आकर वह ससुरालवालों द्वारा दिये जा रहे प्रताड़ना की शिकायत करती. कई बार शकुंतला के ससुरालवालों को समझाने का प्रयास किया गया. लेकिन वे नहीं माने तथा शकुंतला को उन्होंने जलाकर मार डाला. कोर्ट ने आरोप साबित होने पर आरोपी सास ससुर को सजा सुनाई.
