2006 में टाटा कॉलेज से इंटर पास किया था युवक ने
इसके बाद उसकी दिमागी हालत खराब हो गयी थी
जमशेदपुर के मनोचिकित्सक से इलाज चल रहा था
चाईबासा : मुफस्सिल थानांतर्गत तमाड़बांध (तांबो) निवासी यशपाल आल्डा (25) ने सोमवार की सुबह 8.30 बजे अपने कमरे में दुपट्टा से फांसी लगा ली. पिता माथुरा आल्डा ने कमरे में बेटे को फांसी पर लटका देखा. उन्होंने घर के लोगों को जानकारी दी. परिजनों ने यशपाल को फांसी से नीचे उतार कर आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया. चिकित्सक ने जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पिता माथुरा आल्डा ने पुलिस को जानकारी दी. पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और शव का पोस्टमॉटर्म कराकर परिजनों को सौंप दिया. लोगों ने कहा कि यशपाल आल्डा का करीब 10 साल से दिमागी हालत ठीक नहीं थी.
उसका इलाज जमशेदपुर के मनोचिकित्सक से चल रहा था. पिता ने कहा कि सुबह उसके कमरे का दरवाजा धकेल कर अंदर घुसा तो बेटे को फांसी पर लटका देखा. उसने वर्ष 2006 में टाटा कॉलेज से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की थी. इसके बाद से उसका दिमागी हालत ठीक नहीं रही. उसे रांची में भी इलाज कराने ले गया था. इसके बावजूद ठीक नहीं हुआ. उनका मंझला बेटा यशपाल अविवाहित था.
