पहले बहन पर चढ़ा युवक का 'भूत', फिर भाई ने मचाया कोहराम! पुलिस परेशान

Novamundi Superstition Case: पश्चिम सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड के तोड़े टोपा गांव में अंधविश्वास से जुड़ी चौंकाने वाली घटना सामने आई. युवती पर भूत सवार होने की अफवाह में परिजनों ने उसे रस्सी से बांधकर झाड़-फूंक कराने की तैयारी की. अगले दिन उसका भाई भी सड़क पर हंगामा करता मिला, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

Novamundi Superstition Case: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड के तोड़े टोपा गांव में अंधविश्वास से जुड़ी एक अजीब और चिंताजनक घटना सामने आई है. यहां पहले एक युवती के व्यवहार को लेकर “भूत सवार होने” की चर्चा फैल गई और परिजनों ने उसे डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय ओझा-गुणी के पास झाड़-फूंक कराने का फैसला कर लिया. इसके बाद रविवार को उसी युवती के भाई के बारे में भी लोगों के बीच यह चर्चा फैल गई कि उस पर भी “भूत” सवार हो गया है. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और अफवाह का माहौल बन गया.

युवती को रस्सी से बांधकर झाड़-फूंक कराने की तैयारी

ग्रामीणों के अनुसार शनिवार की रात करीब नौ बजे राजू दास की बेटी के व्यवहार में अचानक बदलाव देखने को मिला. परिवार का कहना था कि युवती अजीब तरह से चिल्ला रही थी और इधर-उधर भागने की कोशिश कर रही थी. परिजनों ने इसे किसी आत्मा का असर मान लिया. इसके बाद युवती को कपड़े की रस्सी से कमर में बांध दिया गया और झाड़-फूंक कराने के लिए ओझा-गुणी के पास ले जाने की तैयारी की गई.

युवती पर युवक की आत्मा सवार

परिजनों का दावा था कि कुछ दिन पहले झिकपानी इलाके में एक युवक की मौत हुई थी और उसी युवक की आत्मा युवती पर सवार हो गई है. इसी डर के कारण परिवार ने यह कदम उठाया. हालांकि गांव के कुछ लोगों ने इस घटना को अंधविश्वास बताते हुए युवती को डॉक्टर से दिखाने की सलाह भी दी.

रविवार को भाई ने भी सड़क पर मचाया हंगामा

इस घटना के अगले दिन रविवार की रात एक और चौंकाने वाली स्थिति सामने आई. तोड़े टोपा मुख्य मार्ग पर रात करीब 9:30 बजे युवती का भाई अचानक सड़क के बीचोंबीच लेटकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा. बताया जाता है कि युवक नशे की हालत में था और अनाप-शनाप बातें कर रहा था. गांव में पहले से ही यह चर्चा फैल चुकी थी कि युवती पर किसी मृत युवक का भूत सवार है. ऐसे में जब भाई ने सड़क पर हंगामा किया तो लोगों के बीच यह अफवाह तेजी से फैल गई कि वही “भूत” अब उस पर भी सवार हो गया है. देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई.

सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही नोवामुंडी थाना की सब इंस्पेक्टर पूर्णिमा कुमारी और सुशील कुमार मौके पर पहुंचे. पुलिस ने युवक को सड़क से हटाकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की. युवक लगातार चिल्ला रहा था और धमकी भरे शब्द बोल रहा था, जिससे आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया था. पुलिस ने एहतियात के तौर पर टाटा अस्पताल से एंबुलेंस भी बुलवाई, ताकि युवक को अस्पताल ले जाकर उसकी जांच कराई जा सके. लेकिन एंबुलेंस के पहुंचते ही युवक अचानक उठकर वहां से तेज़ी से भाग निकला.

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अंधविश्वास के कारण बढ़ी चिंता

इस पूरी घटना ने इलाके में अंधविश्वास और जागरूकता की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते युवती को डॉक्टर के पास ले जाया जाता, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में लोगों को झाड़-फूंक या ओझा-गुणी के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए. वहीं, पुलिस भी लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी अफवाह या अंधविश्वास के आधार पर कदम उठाने के बजाय सही इलाज और जागरूकता को प्राथमिकता दें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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