नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट
Illegal Sand Mining: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की. प्रशासनिक टीम ने छापेमारी कर अवैध रूप से बालू ढो रहे चार ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया. इस कार्रवाई के बाद इलाके में सक्रिय बालू माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है.
एसडीओ और सीओ ने मौके पर पहुंचकर की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जगन्नाथपुर के एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव और अंचल अधिकारी मनोज कुमार मिश्रा ने स्वयं मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई की. बताया जा रहा है कि सुबह के समय जगन्नाथपुर ब्लॉक के पास मुख्य मार्ग से अवैध रूप से बालू को ले जाया जा रहा था. इसकी सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए और मौके पर पहुंचकर छापेमारी शुरू कर दी.
मुख्य मार्ग से पकड़े गए चार ट्रैक्टर
छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम ने मुख्य सड़क से गुजर रहे बालू लदे चार ट्रैक्टरों को रोककर जांच की. जांच के दौरान यह पाया गया कि बालू का परिवहन बिना वैध अनुमति के किया जा रहा था. इसके बाद अधिकारियों ने सभी ट्रैक्टरों को मौके पर ही जब्त कर लिया. कार्रवाई के बाद जब्त किए गए सभी ट्रैक्टरों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जगन्नाथपुर पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया.
बालू माफियाओं में मचा हड़कंप
प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से इलाके में अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि लंबे समय से इस इलाके में अवैध बालू उठाव और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अब अवैध बालू कारोबार पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है.
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
कार्रवाई के बाद एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव ने साफ शब्दों में कहा कि इलाके में अवैध बालू कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बालू माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा और कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन अवैध खनन और बालू परिवहन पर नजर बनाए हुए है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी.
इसे भी पढ़ें: झारखंड में होमगार्ड बहाली की डेट जारी, चतरा जिले में 28 मार्च से 18 अप्रैल तक परीक्षा
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की पहल की सराहना की है. लोगों का कहना है कि लंबे समय से इलाके में अवैध बालू उठाव की समस्या बनी हुई थी. स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन की सख्ती के बाद अब अवैध बालू कारोबार पर रोक लगेगी और प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट पर अंकुश लगाया जा सकेगा.
इसे भी पढ़ें: झारखंड में नशे के कारोबारियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स बनाएगी सरकार
