नोवामुंडी की रेखा भारत गैस एजेंसी का दावा: एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक पर्याप्त, अफवाहों से बचें

LPG Cylinder Crisis: पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी इलाके में एलपीजी गैस की कमी की अफवाहों के बीच बड़ा जामदा स्थित रेखा भारत गैस एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. एजेंसी रोजाना गाड़ियों के माध्यम से सिलेंडर की आपूर्ति कर रही है और उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट

LPG Cylinder Crisis: पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी इलाके में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं. इन अफवाहों के बीच बड़ा जामदा स्थित रेखा भारत गैस एजेंसी ने उपभोक्ताओं से घबराने की जरूरत नहीं होने की अपील की है. एजेंसी का कहना है कि फिलहाल उनके पास गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को गैस की कोई कमी नहीं होगी.

घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की कमी नहीं: एजेंसी

रेखा भारत गैस एजेंसी के अनुसार वर्तमान समय में एजेंसी के पास घरेलू और कमर्शियल दोनों प्रकार के गैस सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार मौजूद है. एजेंसी का कहना है कि जब तक उन्हें नियमित रूप से गैस की आपूर्ति मिलती रहेगी, तब तक क्षेत्र के उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या दूसरे माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर जमा करने की कोशिश न करें.

इलाके में भेजी जा रही हैं गैस की गाड़ियां

एजेंसी की ओर से बताया गया कि रोजाना गैस सिलेंडर से भरी गाड़ियां अलग-अलग इलाकों में भेजी जा रही हैं, ताकि उपभोक्ताओं तक समय पर गैस की आपूर्ति हो सके. गुरुवार को भी एजेंसी की ओर से तीन गैस गाड़ियां नोवामुंडी, जैतगढ़ और डीपीएस क्षेत्र के लिए रवाना की गईं. इन गाड़ियों के माध्यम से निर्धारित उपभोक्ताओं तक गैस सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है. एजेंसी का कहना है कि वितरण की पूरी व्यवस्था पहले से तय प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है और सभी उपभोक्ताओं को क्रमवार गैस उपलब्ध कराई जा रही है.

25 दिन के अंतराल पर हो रही गैस बुकिंग

एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय में गैस सिलेंडर की बुकिंग लगभग 25 दिनों के अंतराल पर की जा रही है. इसका मतलब यह है कि उपभोक्ताओं को पिछले सिलेंडर के बाद लगभग 25 दिन बाद अगली बुकिंग का अवसर मिल रहा है. उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय पर ही गैस की बुकिंग करें और बिना बुकिंग के सिलेंडर लेने की कोशिश न करें.

डिलीवरी के समय ओटीपी देना अनिवार्य

गैस वितरण की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एजेंसी ने बताया कि सिलेंडर प्राप्त करते समय उपभोक्ताओं को ओटीपी (ओटीपी) नंबर देना अनिवार्य है. डिलीवरी बॉय जब उपभोक्ता के घर गैस सिलेंडर पहुंचाता है, तो उपभोक्ता के मोबाइल पर ओटीपी आता है. उसी ओटीपी को बताने के बाद ही गैस सिलेंडर की डिलीवरी पूरी की जाती है. बिना ओटीपी के गैस सिलेंडर नहीं दिया जाएगा.

घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमत

कीमत की जानकारी देते हुए एजेंसी ने बताया कि बड़ा जामदा क्षेत्र में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत 970 रुपये है. वहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 2044 रुपये निर्धारित की गई है. इसके अलावा 5 किलो का छोटा गैस सिलेंडर भी उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध है, जिसकी कीमत 599 रुपये है. यह छोटा सिलेंडर उपभोक्ता बिना बुकिंग के भी एजेंसी से सीधे खरीद सकते हैं. इसके लिए उन्हें खाली सिलेंडर साथ लाना होगा.

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अफवाहों से दूर रहने की अपील

एजेंसी ने सभी भारत गैस उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पहले गैस की बुकिंग कराएं और उसके बाद ही सिलेंडर प्राप्त करें. गैस गाड़ी से जबरदस्ती सिलेंडर लेने की कोशिश न करें, क्योंकि पूरी डिलीवरी प्रक्रिया ओटीपी प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाती है. साथ ही, एजेंसी ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर और सुचारु रूप से गैस सिलेंडर की आपूर्ति मिलती रहे.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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