रैयतों को क्षतिपूर्ति व विस्थापितों के लिए होगी वैकल्पिक व्यवस्था

नोवामुंडी : नोवामुंडी के पथ निर्माण विश्रामागार में बुधवार को भू-अर्जन विभाग चाईबासा ने लोक सुनवाई की. इसमें आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) निर्माण की जद में आये नोवामुंडी बाजार के रैयतों की समस्याएं कलमबंद किये गये. विस्थापित दुकानदार गणपत व संन्यासी राम ने कहा कि दुकान तोड़ने के पूर्व लोकसुनवाई होनी चाहिए थी. विस्थापित दुकानदारों […]

नोवामुंडी : नोवामुंडी के पथ निर्माण विश्रामागार में बुधवार को भू-अर्जन विभाग चाईबासा ने लोक सुनवाई की. इसमें आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) निर्माण की जद में आये नोवामुंडी बाजार के रैयतों की समस्याएं कलमबंद किये गये. विस्थापित दुकानदार गणपत व संन्यासी राम ने कहा कि दुकान तोड़ने के पूर्व लोकसुनवाई होनी चाहिए थी. विस्थापित दुकानदारों की रोजी-रोटी छीन गयी. वहीं आशियाना भी उजड़ गया. दुकानदारों ने स्वेच्छा से दुकान खाली करने का भरोसा दिया था. मुआवजा भुगतान को लेकर आरओबी निर्माण में पेंच है. अबतक विस्थापित होने वाले रैयतों को चिह्नित तक नहीं किया जा सका है. इसके कारण मामला हाइकोर्ट तक पहुंच गया.

भू अर्जन विभाग ने मुआवजा दिलाने का दिया भरोसा : जन सुनवाई में भू-अर्जन विभाग के नवीन व बाबूराम ने विस्थापित रैयतों के जांचोपरांत नियमानुसार क्षतिपूर्ति के रूप में सरकार से मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया. वहीं आरओबी से प्रभावित दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराने का एलान किया. इसके लिए ग्रामीण मुंडा से दुकान के लिए सरकारी जमीन चिह्नित कर भू-अर्जन विभाग को उचित माध्यम से प्रेषित करने का निर्देश दिया.
रैयत हरियल केराई ने शिकायत की कि इससे डेढ़ दशक पूर्व सड़क निर्माण के लिए जमीन बिना मुआवजा भुगतान किये ली गयी. अब आरओबी निर्माण में 16 डिसमिल जमीन चली गयी. मुआवजा नहीं मिल सका है. उन्होंने जमीन से संबंधित कागजात भी जमा कराये. फिरोज अहमद ने भी यही शिकायत की.
सरकारी जमीन खाली रहने पर, दुकान बनाकर विस्थापितों का होगा पुनर्वास : नवीन : अधिकारी नवीन ने कहा कि सरकारी जमीन खाली रहने पर विस्थापित दुकानदारों दुकान बनाकर पुनर्वास कराया जायेगा. जमीन का क्लीयरेंस नहीं होने से आरओबी निर्माण कार्य फंसा है. जन सुनवाई में आयी समस्याओं को जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष रखी जायेगी. विस्थापित होने वाले रैयतों को मुआवजा निर्धारित की जायेगी. मुआवजा लेने के लिए प्रभावित होने वाले विस्थापितों को भू-अर्जन विभाग से चार बार नोटिस तामिला कराया जायेगा. बैठक में एसआई हेमन राम समेत दुकानदार शामिल थे.
ओवरहेड लाइन से दुर्घटना बढ़ेगी, केबुल तार से विद्युत आपूर्ति की हो व्यवस्था: दुकानदार
नोवामुंडी बाजार के दुकानदारों ने बताया कि बिजली आपूर्ति के लिए गाड़े जा रहे खंभे से आरओबी के निकट विद्युत आपूर्ति जोखिम भरा है. हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी. बाजार क्षेत्र में टाटा-स्टील की तरह अंडर ग्राउंड विद्युत आपूर्ति के लिए केबुल बिछाने की मांग विद्युत एसडीओ से की. विद्युत विभाग के ठेकेदार अपनी मर्जी से जहां-तहां बिजली खंभे गाड़कर तार खींच रहे हैं. बिजली विभाग के एसडीओ ने बताया कि रोड की जमीन का पता नहीं चल रहा है.
पथ निर्माण विभाग मॉनीटरिंग करे, तभी बिजली का खंभा गाड़ा जाये. एसडीओ ने वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर उचित निर्णय लेने का भरोसा दिलाया. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि केबुल सिर्फ रेल क्रॉसिंग पर अंडर ग्राउंड बिछायी जायेगी.

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