नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट
Novamundi News: चैत्र अमावस्या के पावन अवसर पर नोवामुंडी थाना परिसर स्थित प्राचीन मां काली मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला. सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में पूरे परिसर में “जय मां काली” के जयकारे गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया.
विधि-विधान से संपन्न हुई अमावस्या पूजा
इस विशेष अवसर पर अमावस्या पूजा पंडित सुकुमार पोंडा द्वारा पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराई गई. पूजा का आयोजन सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चला. श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा में भाग लिया और मां काली से सुख-समृद्धि की कामना की.
भोग और महाआरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
पूजा के दौरान मां काली को खिचड़ी, खीर और सब्जी का विशेष भोग अर्पित किया गया. इसके बाद भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए. आरती के समय श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मां काली का आशीर्वाद प्राप्त किया.
महाप्रसाद वितरण से बढ़ा श्रद्धा का उत्साह
पूजा के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद के रूप में खिचड़ी, खीर और सब्जी का वितरण किया गया. प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं. इस दौरान भक्तों में उत्साह और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला.
प्राचीन मंदिर में हर माह होती है विशेष पूजा
बताया जाता है कि नोवामुंडी थाना परिसर स्थित यह मां काली मंदिर काफी प्राचीन है और स्थानीय लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है. यहां प्रत्येक अमावस्या को विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. लोग मां काली के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं.
श्रद्धालुओं की रही बड़ी भागीदारी
इस धार्मिक आयोजन में यदुनाथ मिश्रा, सत्य रंजन पंडा, काजल घोष, मिताली घोष, सपना राहा, पियाली राहा, पूजा देवी, रेणु मिश्रा, श्रेया मिश्रा, सौम्या मिश्रा, संध्या कुमारी, प्रियांशु, उदय बारिक, संदीप बारिक, दीपक बारिक, ब्यूटी रॉय, लक्ष्मी देवी, मोना लिसा बारिक, प्रतिमा बारिक सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे.
इसे भी पढ़ें: धनबाद में सिंह की नगर सरकार, मेयर संजीव सिंह और पार्षदों ने ली शपथ
आस्था और भक्ति का प्रेरणादायी आयोजन
पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तों में गहरी आस्था और भक्ति देखने को मिली. यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का माध्यम बना, बल्कि समाज में एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी देता नजर आया.
इसे भी पढ़ें: झारखंड में डीजे बजेगा और हर हाल में बजेगा, विधानसभा में बोले इरफान अंसारी
