बिजली के लिए कोयले की ढुलाई को अभी प्राथमिकता

किरीबुरू : राष्ट्रीय स्तर पर बिजली को थोड़ी ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है. इस कारण रेलवे वर्तमान में लौह अयस्क के बजाय कोयले के डिस्पैच को अधिक प्राथमिकता दे रहा है. लेकिन आने वाले समय में कुछ स्थिति सुधरेगी तो लौह अयस्क की ढुलाई हेतु रैक में वृद्धि की जायेगी. उक्त बातें दक्षिण पूर्व […]

किरीबुरू : राष्ट्रीय स्तर पर बिजली को थोड़ी ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है. इस कारण रेलवे वर्तमान में लौह अयस्क के बजाय कोयले के डिस्पैच को अधिक प्राथमिकता दे रहा है. लेकिन आने वाले समय में कुछ स्थिति सुधरेगी तो लौह अयस्क की ढुलाई हेतु रैक में वृद्धि की जायेगी. उक्त बातें दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक एसएन अग्रवाल ने सेल की मेघालया सनसेट प्वाइंट पर पत्रकारों से बातचीत में कही.

उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर रेल डिवीजन स्थित मेन लाइन पर स्थित प्रमुख स्टेशनों पर एस्केलेटर व अन्य प्रकार की यात्री सुविधाओं में वृद्धि की गयी है. लेकिन सारे स्टेशनों पर सुविधा नहीं बढाई गयी है.
लौहांचल के स्टेशनों पर यात्री सुविधा के सवाल पर महाप्रबंधक ने कहा कि लौहांचल की सारी रेल लाइन पैसेंजर फीट रूट नहीं है. बल्कि गुड्स ट्रेन के लिये सारी लाइनें हैं. ऐसे गुड्स लाइन रूट पर आप यात्री सुविधाओं की अपेक्षा करते हैं तो वैसा नहीं होता है. रेलवे ऐसे मार्गों को पैसेंजर फीट रूट करने का प्रयास करते हुए उम्मीद करेगा कि आने वाले समय में पैसेंजर ट्रेन चलाये और यात्री सुविधाओं में वृद्धि करे.
जीएम ने सारंडा की खूबसूरत नजारे को देख कहा कि यह किसी अच्छे हिल स्टेशन से कम नही है. यहां का प्राकृतिक नजारा अद्भुत है. सारंडा में थोड़ी दूसरी गतिविधियां है जिसमें कमी आ जाये तो पर्यटन के क्षेत्र में सारंडा काफी विकसित हो सकता है.
दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक एसएन अग्रवाल रेलवे के उच्च अधिकारियों के साथ रुटीन दौरे के क्रम में विशेष सैलून से किरीबुरू रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां सेल की किरीबुरू एवं मेघाहातुबुरू खदान के महाप्रबंधक क्रमशः के ईभा राजू, एसडी पहाड़ी, उप महाप्रबंधक कमलेश राय, वरिष्ठ प्रबंधक उमेश साहू, डॉ मनोज कुमार आदि अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया.
दो खदानों को चार-चार रैक देने का आग्रह
किरीबुरू एवं मेघाहातुबुरू खदान के महाप्रबंधक ने दोनों खादानों को कम-से-कम प्रतिदिन चार-चार रैक देने का आग्रह किया, ताकि लौह अयस्क का डिस्पैच बढ़ने से सेल की स्टील प्लांटों का उत्पादन बढ़ सके. वर्तमान में दोनों खदानों को मिलाकर प्रतिदिन पांच रैक लौह अयस्क की ढुलाई हेतु दिया जाता है. जबकि रेलवे के महाप्रबंधक से आठ-नौ रैक देने समेत संटिंग चार्ज के रूप में रेलवे द्वारा काटे गये अधिक पैसे को वापस करने, मेघाहातुबुरू रेलवे साइडिंग के ट्रैक लाइन का कार्य वर्षांत से पूर्व पूर्ण करने, रेलवे भाड़ा सिस्टम को अपग्रेड करने की मांगें रखी.
पहली बार सारंडा दौरे पर पहुचे थे
रेल महाप्रबंधक एसएन अग्रवाल पहली बार सारंडा क्षेत्र के दौरे पर आये थे. उन्होंने अन्य अधिकारियों के साथ रेलवे की मोटर ट्राली पर बैठकर इस क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों एवं रेलवे ट्रैक का निरीक्षण कर एक नया इतिहास बनाया. उन्होंने डुमिरता-लाठीकटा-करमपदा रेल मार्ग पर मोटर ट्राली से ट्रैक निरीक्षण किया. रेल महाप्रबंधक किरीबुरू स्टेशन दोपहर लगभग पौने दो बजे आये एंव सेल की मेघालया गेस्ट हाउस से तीन बजकर बीस मिनट पर रवाना हुये.
रेल महाप्रबंधक के दौरे के साथ चक्रधरपुर रेल डिवीजन के डीआरएम क्षत्रसाल सिंह, वरिष्ठ डीसीएम भास्कर, पीसीओएम जया सिन्हा वर्मा, पीसीई आर पी व्यास, वरिष्ठ डीओएम सत्यम प्रकाश आदि के अलावे सेल की किरीबुरू-मेघाहातुबुरू खादान के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद थे.
कहा- लौह अयस्क हेतु बाद में बढ़ाएंगे रैक
सारंडा के बारे में कहा, किसी अच्छे हिल स्टेशन से कम नहीं, विकसित हो सकता है
लौहांचल की सारी रेल लाइन पैसेंजर फिट रूट नहीं, भविष्य में चलेंगी पैसेंजर ट्रेनें
जमशेदपुर के डाकघरों में मिलेगा रेलवे का टिकट
चक्रधरपुर में लगा रनिंग रूम मैनेजमेंट सिस्टम
महाप्रबंधक एसएन अग्रवाल ने चक्रधरपुर के रनिंग रूम में दपू रेलवे का पहला अत्याधुनिक कंप्यूटरीकृत रनिंग रूम मैनेजमेंट सिस्टम का उद्घाटन किया. अब लोको पायलटों को ड्यूटी में साइन आउट करने के बाद रनिंग रूम में कमरा व बेड लेने के लिए अधिक समय नष्ट करना नहीं पड़ेगा. मैनेजमेंट सिस्टम संचालित होने से स्क्रीन में रनिंग रूम की तमाम जानकारी उपलब्ध होंगी. जिससे मेनुअली करने में लोको पायलटों को घंटों समय लगता था. इसके अलावा विश्राम समय एवं चेक इन व आउट समय एवं लोको पायलटों से जुड़ी तमाम गतिविधियां मशीन में कैद होगी. मैनेजमेंट सिस्टम को भारतीय रेल के सर्वर से जोड़ा गया है. जिससे वरीय अधिकारियों को रनिंग रूम की स्थिति व जानकारी मिलेगी.

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