कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने वाली पार्टियों की बढ़ी चिंता

चाईबासा : चाईबासा नगर पर्षद चुनाव ने राजनीतिक पार्टियों की नींद उड़ा दी है. दरअसल कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने वाली पार्टियों की चिंता बढ़ गयी है. कार्यकर्ताओं के हित में लंबे-चौड़े वादे कर भूलने वाले नेताओं को इस बार कार्यकर्ता भी मजा चखाने के मूड में हैं. बूथ कमेटी पार्टियों के लिए चैलेंज बन गया […]

चाईबासा : चाईबासा नगर पर्षद चुनाव ने राजनीतिक पार्टियों की नींद उड़ा दी है. दरअसल कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने वाली पार्टियों की चिंता बढ़ गयी है. कार्यकर्ताओं के हित में लंबे-चौड़े वादे कर भूलने वाले नेताओं को इस बार कार्यकर्ता भी मजा चखाने के मूड में हैं. बूथ कमेटी पार्टियों के लिए चैलेंज बन गया है. बेरोजगार राजनीतिक कार्यकर्ताओं की लंबी फौज राजनीतिक दलों के लिये परेशानी का सबब है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि नेता जी अपने अहंकार में कार्यकर्ताओं का हित भूल गये. अब नगर निकाय चुनाव में कार्यकर्ता की याद आ रही है. आज नेता जी कार्यकर्ताओं को ढूंढ रहे हैं.

भाजपा ने अबतक नहीं की प्रत्याशियों की घोषणा : 22 मार्च को नामांकन का अंतिम दिन है. वहीं अबतक भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा नहीं कर सकी है. नगर निकाय के चुनाव में अध्यक्ष पद को लेकर विभिन्न दलों में कांटे की टक्कर है. भाजपा में टिकट की घोषणा के बाद विक्षुब्ध खेमा ने अपने चहेते प्रत्याशियों को सम्भवतः आजसू से टिकट दिलाने की बात कही जा रही है. वहीं कांग्रेस व झामुमो ने देर शाम अध्यक्ष व उपाध्यक्ष उम्मीदवारों की घोषणा कर दी.
वहीं लोक जनशक्ति पार्टी के चुनाव में उम्मीदवार उतारे जाने से चाईबासा नगर निकाय का चुनाव रोचक हो गया है. राह आसान नहीं होगी अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों की : इसबार अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों की राह आसान नहीं है. पूर्व में यह चुनाव दलगत नहीं था, तब बात कुछ और थी. विश्लेषक बहुत कम मतों के अंतर जीत हार का अनुमान लगा रहे हैं.

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