लाडली योजना में लापरवाह हाटगम्हरिया टोंटो व बंदगांव के सीडीपीओ का वेतन बंद

चाईबासा. उपायुक्त ने स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण की समीक्षा बैठक की प्रखंडों में 50 फीसदी से कम लक्ष्य की प्राप्ति, कम से कम 85 % करने का आदेश चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले में मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना की स्थिति ठीक नहीं है. जिले को 2346 लक्ष्य मिला था, जबकि 1331 ही हासिल हो सका. […]

चाईबासा. उपायुक्त ने स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण की समीक्षा बैठक की

प्रखंडों में 50 फीसदी से कम लक्ष्य की प्राप्ति, कम से कम 85 % करने का आदेश
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले में मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना की स्थिति ठीक नहीं है. जिले को 2346 लक्ष्य मिला था, जबकि 1331 ही हासिल हो सका. योजना में लापरवाही को लेकर उपायुक्त अरवा राजकमल ने हाटगम्हरिया, टोंटो, बंदगांव प्रखंडों के सीडीपीओ को शो-कॉज करते हुए वेतन बंद करने का आदेश दिया. इन प्रखंडों में लक्ष्य से 50 फीसदी से कम हासिल हुआ है. डीसी शुक्रवार को समाहरणालय में स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण की समीक्षा बैठक कर रहे थे. दूसरी ओर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में लक्ष्य 429 था. वहीं 361 हासिल किया जा सका. उपायुक्त ने कहा जब तक कम से कम 85 प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं करेंगे, वेतन निर्गत नहीं होंगे. इस वित्तीय वर्ष में टीए भी स्वीकृत नहीं किए जायेंगे.
मातृ वंदना योजना में लक्ष्य प्राप्ति का आदेश
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में दो दिनों में 11 फरवरी तक 9320 लक्ष्य प्राप्त करना है. योजना एक जनवरी 2017 से शुरू की गयी है. इसके तहत प्रथम धातृ महिला को निबंधन पर 1000 रुपये, प्रथम एएनसी पर 200 रुपये और प्रसव पश्चात प्रथम टीकाकरण पर 2000 रुपये देने का प्रावधान है. जिले में जननी सुरक्षा योजना में 39600 को लाभ दिया जा चुका है.
सहायिका घरों में शौचालय बनायें वरना वेतन काट कर बनवायेंगे
आंगनबाड़ी सेविका व सहायिकाओं के चयन संबंधी मामलों की समीक्षा में बंदगांव में रिक्त शून्य मिला. कोरागाड़ा आंगनबाड़ी में चयन नहीं होने की शिकायत जनता दरबार में मिली. बताया गया कि जिले में 2302 सेविकाओं में 1808 के घर में शौचालय है. वहीं 2003 सहायिकाओं में 1300 के घर शौचालय है. सेविकाओं को हर हाल में शौचालय बनाकर रिपोर्ट देने को कहा. अन्यथा वेतन काटकर शौचालय निर्माण कराने की बात कही गयी. सहायिका असमर्थ हैं तो मनरेगा से शौचालय निर्माण करा सकती हैं.
संस्थागत प्रसव का प्रतिशत बढ़ाने का निर्देश
उपायुक्त ने कहा प्रथम एएनसी किसी प्रखंड में 85 प्रतिशत से कम न हो. वहीं संस्थागत प्रसव 30 प्रतिशत बढ़ाया जाये. अभी 68 प्रतिशत है. परिवार नियोजन एनएसबी मात्र 19 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाया जाय. परिवार नियोजन टयूबेक्टो 15 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाने का निर्देश दिया.
नये टीबी मरीजों की पहचान में कुमारडुंगी, मझगांव, बंदगांव, तांतनगर, टोंटो, खूंटपानी जैसे प्रखंडों का रिजल्ट खराब मिला. जिले में मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य 4250 है, जबकि मात्र 1577 की उपलब्धि है. कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 13 नये मरीजों की पहचान की गयी है. जिले में पल्स पोलियो कार्यालय की उपलब्धि 96.4 प्रतिशत है. बैठक में सिविल सर्जन डॉ हिमांशु भूषण बरवार, डॉ संजय कुजूर सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं सीडीपीओ उपस्थित थे.

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