23 जनवरी को साल की लकड़ियों के साथ विभाग ने तीन साइकिलें जब्त की थी
चाईबासा : मुफस्सिल थाना अंतर्गत बरकेला वन कार्यालय में पारंपरिक हथियारों से लैस होकर आये ग्रामीणों ने वनकर्मियों के साथ गाली-गलौज व मारपीट की तथा वहां रखी पांच साइकिलें लेकर भाग गये. घटना 23 जनवरी की शाम की है. वनकर्मियों ने बताया कि 22 जनवरी को सायतबा वन क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर नोगोड़दा के समीप ताजा कटी साल की लकड़ियां ले जाते तीन साइकिलों को पकड़ा गया. तीनों साइकिल छोड़कर भाग गये, जिसके बाद वन कर्मी साइकिल सहित लकड़ियों को जब्त कर बरकेला कार्यालय में लाये. उसी शाम कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने जब्त साइकिलें लेने का प्रयास किया,
लेकिन कार्यालय में तैनात गार्डों के कारण वे ऐसा नहीं कर सके. 23 जनवरी को चेतनसिका के मंगता सुंडी के नेतृत्व में बरकेला गांव के 60-70 महिला-पुरुष पारंपरिक हथियारों से लैस होकर फिर बरकेला कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के गेट पर तैनात गृहरक्षकों को धक्का देकर कार्यालय में घुस गये. इतना ही नहीं, ग्रामीण हथियारों के बल पर जब्त साइकिलें ले गये. इन पर हुआ केस दर्ज: बरकेला के वन परिसर पदाधिकारी शिवदत्त राम के बयान पर 24 जनवरी को मुफस्सिल थाना में 11 लोगों के खिलाफ वनकर्मियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट करने व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. उनमें चेतनसिका के मंगता सुंडी के अलावा बरकेला के दुंबी बोयपाई, बुंधु बोयपाई, परगना बोयपाई, मुकू बोयपाई, सरस्वती बोयपाई, भंज कोड़ा, सरजोम बोयपाई, डोरिया पुरती, तुरी पुरती व सायो पुरती को आरोपी बनाया गया है. कार्यालय से पांच साइकिलें लेकर भाग गये. जाते-जाते मंगता सुंडी ने धमकी भी दी कि कार्यालय में पुन: हमला कर सभी जब्त वन पदार्थ व साइकिलें भी जबरन ले जायेंगे.
