जीतते रहे नेता, सेनटोला की कचरे में जीने की मजबूरी जस की तस

चाईबासा : नगर परिषद क्षेत्र के चार नंबर वार्ड के लोग गंदगी के ढेर पर रहने को विवश हैं. लगभग 1100 आबादी वाले इस वार्ड में साफ-सफाई के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. वार्ड के लोग अब तक हुए विकास के कार्य से संतुष्ट नहीं हैं. सड़क के किनारे जगह-जगह कचरे का अंबार लगा […]

चाईबासा : नगर परिषद क्षेत्र के चार नंबर वार्ड के लोग गंदगी के ढेर पर रहने को विवश हैं. लगभग 1100 आबादी वाले इस वार्ड में साफ-सफाई के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. वार्ड के लोग अब तक हुए विकास के कार्य से संतुष्ट नहीं हैं. सड़क के किनारे जगह-जगह कचरे का अंबार लगा है.

उक्त कचरे पर आवारा जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे कचरा सड़कों पर फैल रहा है. वार्ड में स्वच्छता की भारी कमी दिखती है. नप वार्ड चुनाव होने के बाद भी सेनटोला की सूरत नहीं बदली है. वार्ड में विकास का कार्य शून्य है. वार्ड में अबतक पाइपलाइन भी नहीं बिछ पाई है और न ही सड़कें ही बन पायी हैं. वार्ड की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हो गये हैं. वार्ड में जलापूर्ति के लिए कुल चार नल लगे हैं, लेकिन उनमें से वार्ड पार्षद के घर के सामने लगा नल ही वर्षों से खराब पड़ा है.
वार्ड स्थित बिहारी क्लब के किनारे से नाली का भी निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे चापाकल का पानी सड़कों पर बहता रहता है. इस वार्ड की सबसे बड़ी समस्या जोड़ा तालाब है. तालाब की साफ-सफाई नहीं होने से जलकुंभी से भर गया है तथा आसपास वार्ड के लोग उक्त तालाब के किनारे के घरों के अलावा मरे जानवरों को भी वहीं फेंक दिया जाता है. जिसके कारण तालाब का पानी दूषित हो गया है. दूषित होने के कारण तालाब का पानी का उपयोग नहीं हो रहा है. पानी की बदबू से आसपास के लोग काफी परेशान हैं.
पीएम आवास योजना के तहत बने गरीबों के आवास : पार्षद
वार्ड पार्षद उमा राय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के आवास बनवाये गये हैं. बिहारी क्लब से जोड़ा तालाब होकर मंगलाहाट जानेवाली सड़क के कालीकरण की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन संवेदक ने अबतक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है. नगर परिषद कार्यालय के कार्यपालक पदाधिकारी ने संवेदक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.
वार्ड में जलापूर्ति योजना के तहत बिछाई जानेवाली पाइपलाइन भी नहीं बिछायी गयी है. उन्होंने कहा कि जोड़ा तालाब के सौंदर्यीकरण और साफ-सफाई के लिए हमेशा नप की बोर्ड की बैठक में आवाज उठायी. लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला. उन्हें जोड़ा तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए डीपीआर तैयार होने का आश्वासन ही मिला है.

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