गर्भवती व बच्चों को दो दिनों से नहीं मिल रहा पोषाहार

दूसरे दिन भी सेविका-सहायिका रहीं हड़ताल पर चाईबासा : 11 सूत्री मांगों के समर्थन में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका दूसरे दिन गुरुवार को भी पुराने समाहरणालय के समक्ष धरना पर बैठीं रहीं. गुरुवार को सदर चाईबासा और तांतनगर प्रखंड की सेविका-सहायिका धरना पर बैठीं. सेविका-सहायिका की बेमियादी हड़ताल से आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटके रहे. इसका सीधा […]

दूसरे दिन भी सेविका-सहायिका रहीं हड़ताल पर

चाईबासा : 11 सूत्री मांगों के समर्थन में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका दूसरे दिन गुरुवार को भी पुराने समाहरणालय के समक्ष धरना पर बैठीं रहीं. गुरुवार को सदर चाईबासा और तांतनगर प्रखंड की सेविका-सहायिका धरना पर बैठीं. सेविका-सहायिका की बेमियादी हड़ताल से आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटके रहे. इसका सीधा असर जिले 1.54 लाख बच्चों पर पड़ रहा है. वे पोषाहार से वंचित हैं. गर्भवती महिला को पोषाहार नहीं मिल रहा है. बच्चे केंद्र बंद देख वापस घर लौट रहे हैं. इधर, सेविकाओं का कहना है कि उनकी 11 सूत्री मांगें जायज हैं.
जबतक मांगें पूरी नहीं होती है, तबतक हड़ताल जारी रहेगी. संघ की अध्यक्ष अनीता बिरुवा ने कहा कि सरकार की तानाशाही नीति नहीं चलेगी. 17 जुलाई 2017 को सरकार को मांग पत्र सौंपा गया था. मौके पर कांता गुड़िया, अंजनी होरो, पंचमी तियु, सुषमा बारी, निर्मला देवी, मीना देवी, मेरी देवगम, सुनीता हेंब्रम, सोमवारी लागुरी व लीलावती बोयपाई समेत सेविका-सहायिका उपस्थित थीं.……………………

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