उपायुक्त ने खनन पदाधिकारी को दिये निर्देश, कंपनियों को एक और मौका
जिले में लगभग 18 कंपनियों पर पर्यावरण उल्लंघन का मामला आया था
चाईबासा : जिले के खनन लीज धारकों को प्रशासन ने एक बार फिर आपत्ति आवेदन का मौका दिया है. उनके विरुद्ध लगे चार्ज के खिलाफ वे अपनी आपत्ति जिला कमेटी को सौंप सकते है. उक्त बातें उपायुक्त अरवा राजकमल ने कहीं. वे मंगलवार को जिला समाहरणालय में खनन संबंधित मामलों की समीक्षा कर रहे थे. लीज धारकों के आपत्ति आवेदन की जांच जिला कमेटी करेगी. इसकी रिपोर्ट सौंपेगी. वहीं पेनाल्टी की शेष राशि अविलंब जमा करने का निर्देश दिया गया है. कंपनियों को निर्धारित समय पर कार्य करने को कहा है. लगभग 18 खनन कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बाजार में माल लाने पर रोका गया है. सभी कंपनियों पर लगभग 22 से 23 सौ करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है.
तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
खनन की जांच के लिये डीसी के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनायी गयी है. इसमें उपायुक्त अरवा राजकमल, एडीसी जय किशोर प्रसाद व खनन पदाधिकारी कमलेश्वरी दास शामिल हैं.
पर्यावरण के प्रति गंभीर हों कंपनियां
मालूम हो कि कंपनियों को तीन जगहों से क्लीयरेंस प्रमाण पत्र लेना होता है. इनमें अधिकतर कंपनियों को पर्यावरण क्लीयरेंस नहीं मिल पाया है. उपायुक्त ने कहा कि कंपनी पर्यावरण पर गंभीर हों. नियम के तहत खनन करें. इसके साथ खनन विभाग नियमित रूप से जांच करते रहे. मौके पर खनन पदाधिकारी कमलेश्वरी दास के अलावा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
