बच्चा चोर के शक में ग्रामीणों की चंगुल में फंसे चार चिड़ीमार, पुलिस की मुस्तैदी से बची जान

West Singhbhum News: पश्चिमी सिंहभूम के कराईकेला थाना क्षेत्र में में बच्चा चोर की अफवाह पर ग्रामीणों ने चार चिड़ीमार युवकों को पकड़ लिया. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उनकी जान बच गई. जांच में सभी युवक निर्दोष निकले. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून हाथ में लेने से बचें. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

​कराईकेला से अनिल तिवारी की रिपोर्ट

West Singhbhum News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती जंगली इलाके में बुधवार की शाम को बच्चा चोरी की अफवाह के कारण एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची. कराईकेला थाना क्षेत्र से लगभग 6 किलोमीटर दूर घने जंगल में स्थित बुरुडीह गांव में ग्रामीणों ने बच्चा चोर होने के संदेह में चार युवकों को पकड़ लिया. हालांकि, कराईकेला थाना प्रभारी प्यारे हसन की त्वरित कार्रवाई से इन चारों युवकों की जान बच गई. पुलिस की पूछताछ में ये चारों युवक चिड़िया पकड़ने वाले चिड़ीमार निकले.

​घने जंगल में उपजा तनाव

जानकारी के अनुसार, गुदड़ी थाना के ग्राम बंदोकुमा निवासी बुधवा हासा पूर्ति, किशनु हासा पूर्ति, सानू हासा पूर्ति और एतवा हासा पूर्ति पक्षी पकड़ने के सिलसिले में कराईकेला के जंगली क्षेत्र के बुरुडीह में आए थे. संदिग्ध अवस्था में घूमते देख बुरुडीह के ग्रामीणों को उन पर बच्चा चोर होने का शक हुआ और उन्होंने चारों को घेर कर पकड़ लिया. घने जंगल और मॉब लिंचिंग जैसी संवेदनशील स्थिति की सूचना मिलते ही कराईकेला थाना प्रभारी प्यारे हसन दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और चारों युवकों को सुरक्षित अपनी हिरासत में ले लिया.

जांच और पहचान की पुष्टि

थाने में कड़ाई से पूछताछ में ये चारों युवक चिड़ीमार निकले. पुलिस की तलाशी में उनके पास से पक्षी पकड़ने के उपकरण और पकड़े हुए चार पक्षी भी बरामद किया गया. कराईकेला पुलिस ने तत्काल सोनुवा थाना से संपर्क कर युवकों के पते और पेशे की पुष्टि की. चारों युवक निर्दोष पाए गए. इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिदायत देकर सुरक्षित छोड़ दिया.

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पुलिस की अपील

थाना प्रभारी प्यारे हसन ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें. उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेना दंडनीय अपराध है. यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, स्वयं कार्रवाई न करें. झारखंड के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में इन दिनों ‘बच्चा चोर’ गिरोह के सक्रिय होने की खबरें जंगल की आग की तरह फैल रही हैं. सोशल मीडिया, विशेषकर व्हाट्सएप और फेसबुक पर प्रसारित होने वाले भ्रामक वीडियो और संदेशों ने आम जनता के मन में दहशत पैदा कर दी है.जिसके कारण ही ऐसी घटना घट रही है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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