गालूडीह : दारीसाई मौसम वैद्यशाला के वैज्ञानिक डॉ विनोद कुमार ने आइएमडी पूणो की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि गुरुवार 30 जून को केरल में मॉनसून प्रवेश कर गया है. डॉ कुमार ने कहा कि केरल में समय पर मॉनसून आने से 12 से 15 जून तक झारखंड में मॉनसून प्रवेश कर जायेगा.
उनसे जब पूछा गया कि क्या लगातार हो रही बारिश को प्री मॉनसून की बारिश भी कह सकते हैं. इस पर डॉ कुमार ने कहा कि नहीं, यह प्री मॉनसून की बारिश नहीं है. प्री मॉनसून का समय खत्म हो चुका है. यह वर्षा बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सरकुलेशन के कारण ही हो रही है. डॉ कुमार ने कहा कि मई में तीन दिन ही बारिश हुई है.
एक बार 7.4, दूसरी बार 16.2 और अब तीसरी बार अब तक हुई 35 मिमी बारिश, यानी 30 जून सुबह आठ बजे तक मई माह में 58.8 मिमी बारिश हुई है. अभी दो दिन का रिकार्ड बाकी है. इधर साइक्लोन की बारिश ने लोगों ठंड का अहसास करा दिया है.
किस वर्ष मई में कितनी बारिश
वर्ष बारिश
2010 में 156.8 मिलीमीटर
2011 49.2 मिलीमीटर
2012 93.8 मिलीमीटर
2013 58.8 मिलीमीटर
