तेजी से वनों की कटाई रोकें : महानिदेशक

एमइओएफएंडसीसी के सहयोग से सेल आरएमडी में कार्यशाला चाईबासा : अनियोजित एवं तेजी से वनों की कटाई से भविष्य संकट में है. इसका जलवायु पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. उक्त बातें महानिदेशक वन व विशेष सचिव एमओइएफएंडसीसी भारत सरकार सिध्दांत दास ने कही. एमइओएफएंडसीसी सीसी के सहयोग से स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) […]

एमइओएफएंडसीसी के सहयोग से सेल आरएमडी में कार्यशाला

चाईबासा : अनियोजित एवं तेजी से वनों की कटाई से भविष्य संकट में है. इसका जलवायु पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. उक्त बातें महानिदेशक वन व विशेष सचिव एमओइएफएंडसीसी भारत सरकार सिध्दांत दास ने कही. एमइओएफएंडसीसी सीसी के सहयोग से स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के कच्चे माल प्रभाग (आरएमडी) ने कोलकाता में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को वे बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कंपनियों को आधुनिक तकनीक का परिचय देना चाहिए.
पर्यावरण के कम से कम नुकसान पर आधुनिक तरीके से खनन होना चाहिए. इस दौरान विभिन्न कंपनियों के प्रतिभागियों ने खदान संचालन दौरान सामने आने वाले विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों पर प्रस्तुति दी. सेल के अलावा, सीआईएल, नाल्को, ओएमडीसी, ओएमसी, डीवीसी और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड जैसी कंपनियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया.
खनन में एक समग्र दृष्टिकोण रखना आवश्यक
सेल के निदेशक (कच्चे माल और रसद) कल्याण माइती ने फॉरेस्ट क्लियरेंस (एफसी) और पर्यावरण मंजूरी (इसी) के मुद्दों को सुलझाने के लिए एक वातावरण विकसित करने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि पारिस्थितिक संतुलन बनाये रखने और भविष्य की पीढ़ी के लिए स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए खनन में एक समग्र दृष्टिकोण रखना आवश्यक है. ऐसे करने के लिए कंपनियों को और अधिक जिम्मेदार बनाना पड़ेगा. उन्होंने एमईओएफएंडसीसी और अन्य सांविधिक निकायों के खनन कानूनों, नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करने पर बल दिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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