नोवामुंडी से सुबोध मिश्रा की रिपोर्ट
Waterlogging: झारखंड के नोवामुंडी में हुई एक दिन की बारिश ने स्थानीय प्रशासन और सफाई व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी. हल्की बारिश के बाद ही ओवरब्रिज पर जगह-जगह पानी जमा हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. खासकर बाइक सवारों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बन गई, क्योंकि सड़क पर फिसलन बढ़ गई और दुर्घटना का खतरा भी मंडराने लगा.
जाम नालियों के कारण नहीं हो पा रही पानी निकासी
ओवरब्रिज पर बने पानी निकासी के छेद और नालियां पूरी तरह जाम पड़ी हुई हैं. इसके चलते बारिश का पानी बहकर नीचे नहीं जा पा रहा है और पुल के ऊपर ही जमा हो रहा है. यह स्थिति हर बारिश में देखने को मिलती है, जिससे साफ जाहिर होता है कि नियमित रूप से सफाई का काम सही तरीके से नहीं हो रहा है.
सफाई के दावों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि टाटा स्टील के वेंडर द्वारा रोजाना साफ-सफाई का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. नालियों में जमी गंदगी और गड्ढों की अनदेखी के कारण हर बार बारिश में ओवरब्रिज तालाब में तब्दील हो जाता है. लोगों ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभाग से तुरंत कार्रवाई की मांग की है.
हादसों का बढ़ा खतरा
जलजमाव के कारण ओवरब्रिज पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई बार वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति भी बन जाती है. ऐसे में समय रहते व्यवस्था दुरुस्त करना बेहद जरूरी हो गया है.
मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति से बढ़ी दिक्कतें
नोवामुंडी से लखन साई होते हुए मेराल गड़ा जाने वाला मुख्य मार्ग भी इन दिनों बदहाल स्थिति में है. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर गया है. इससे सड़क की स्थिति और खराब हो गई है और राहगीरों को चलना मुश्किल हो गया है.
दोपहिया चालकों के लिए खतरनाक बना रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार, गड्ढों में भरे पानी के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा हो गया है. कई बार गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता और लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं.
जर्जर पुलिया भी बनी चिंता का कारण
इस मार्ग पर स्थित नाले के ऊपर बनी पुलिया भी काफी जर्जर हालत में है. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. इसके बावजूद अब तक इसकी मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर
यह सड़क आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. साप्ताहिक हाट-बाजार के दिन इसी रास्ते से लोग आवाजाही करते हैं. खराब सड़क और जलजमाव के कारण लोगों को बाजार आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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प्रशासन से जल्द सुधार की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरब्रिज की नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए. साथ ही, मुख्य सड़क के गड्ढों को जल्द भरवाने और जर्जर पुलिया की मरम्मत कराने की भी अपील की गई है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया, तो भविष्य में बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं.
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