ल़ॉजिस्टिक हेड संजय पांडे गिरफ्तार, जेल

जोड़ा: आर्या स्टील प्लांट से पिलेट चोरी का मामला बड़बिल : जोड़ा पुलिस को पिछले 52 दिनों से सिरदर्द बने आर्या आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड प्लांट से पिलेट चोरी के मामले में शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली. पुलिस ने इस मामले में कंपनी के लॉजस्टिक हेड संजय पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया […]

जोड़ा: आर्या स्टील प्लांट से पिलेट चोरी का मामला

बड़बिल : जोड़ा पुलिस को पिछले 52 दिनों से सिरदर्द बने आर्या आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड प्लांट से पिलेट चोरी के मामले में शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली. पुलिस ने इस मामले में कंपनी के लॉजस्टिक हेड संजय पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. संजय पांडेय विगत 52 दिनों से फरार चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस राजधानी भुवनेश्वर सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चला चुकी थी. वहीं दूसरी तरफ शातिर संजय पांडेय को भनक थी कि बांसपानी में चालान रिसीव कर अन्यत्र स्टॉक किए गये पिलेट के मामले में जोड़ा पुलिस उसकी तलाश में है. इसी कारण उसने कटक हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी.
जोड़ा पुलिस ने 26 जुलाई की रात देवझर रेलवे साइडिंग में आर्या के प्लांट से पिलेट चोरी मामले में दो लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ही मौके से तीन टन पिलेट लदा एक ट्रक भी जब्त किया था.
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में इस मामले में संजय पांडेय की मुख्य भूमिका होने की बात सामने आई थी. संजय पांडेय ने गिरफ्तारी के बाद अपनी जमानत के कागजात दिखाये, पर पुलिस ने उसे बताया कि वह एक मामले में बेल पर है, पर उसे दूसरे मामले में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है.
कंपनी के लॉजिस्टिक हेड संजय पांडे कंपनी से पिलेटों को रेलवे साइडिंग ले जानेवाले ट्रकों से चालान रिसीव कर माल किसी अन्य स्थान पर उतरवाकर बेच देता था. जोड़ा पुलिस ने कोर्ट से संजय पांडेय को सात दिनों के रिमांड पर दिये जाने की मांग की है. जिससे पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य लोगों की जानकारी ली जा सके. सूत्रों के अनुसार रिमांड के दौरान क्योंझर एसपी राजेश पंडित खुद भी संजय पांडेय से पूछताछ कर सकते हैं. याद रहे कि इस मामले में अबतक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
कंपनी के सुरक्षा प्रमुख और बांसपानी रेलवे साइडिंग में तैनात कंपनी के रिसीवर भी जेल जा चुके हैं, इसके बाद भी कंपनी प्रबंधन मामले को गंभीरता से क्यों नहीं ले रहा, इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. कंपनी की तरफ से पिलेट चालान रिसीव और चोरी के मामले में अब तक कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है.
कोट
आर्या प्लांट से रेलवे साइडिंग जाने वाली पिलेट साइडिंग नहीं जाकर कहीं और जाते थे, जबकि उसका चालान समय पर रिसीव कर लिया जाता था. इससे किसी को पिलेट चोरी की भनक तक नहीं लगती थी. रेलवे साइडिंग से भी उसके कहे अनुसार पिलेट की चोरी की जाती थी. पुलिस को जानकारी मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गयी. मामले में धीरे-धीरे कई खुलासे हो रहे हैं. जांच अभी चल रही है. इस मामले से जुड़े जितने नाम सामने आयेंगे, उनकी जांच कर कार्रवाई की जायेगी.
प्रभात कुमार परीड़ा, थाना प्रभारी, जोड़ा.
खरीद-बिक्री तय करने का था अधिकार
संजय पांडेय कंपनी में लॉजिस्टिक हेड पद पर कार्यरत हैं. आयरन फाइन्स (कच्चा माल) कहां से आयेगा, किसे ट्रांसपोर्टिंग देनी है तथा तैयार पिलेट किस पार्टी को बेचनी हैं, यह सब तय करने का काम संजय पांडेय के ही जिम्मे था. सूत्रों के अनुसार संजय पांडेय को इन सब से भी काफी फायदा होता था. इसके आलावा टेंसा माइंस में काम कर रही एक कंपनी में संजय की हिस्सेदारी की बात भी सामने आ रही है.
कंपनी के एचआर जीएम उनके रिश्ते में भाई लगते हैं और संजय पांडेय के पिता भी आर्या में काम करते हैं. सूत्रों के अनुसार पूरे मामले में लगभग 22 नाम पुलिस की सूची में हैं, जिनमें कंपनी और कंपनी से बाहर के कई बड़े चहरे भी शामिल हैं.

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