चाईबासा : बीते 23 अगस्त की रात गुदड़ी थानांतर्गत जरदा वन गांव में दरवाजा खुलवा कर रास्ता पूछने के बहाने तांत्रिक नारायण रुंडा की हत्या मामले में बुधवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुख्य आरोपी रोटो टेला व सुपारी किलर जेवरियस भुइया और जेम्स कांडायबुरु शामिल है. टोटका के कारण बैल की मौत के अंधविश्वास में पड़ कर रोटो टेला ने 10 हजार रुपये में नारायण की हत्या की सुपारी जेवरियस और जेम्स को दी. इसका जानकारी गुरुवार को अपने कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर एसपी अनीश गुप्ता ने दी.
बैलों की मौत का बदला,10 हजार रुपये सुपारी देकर करायी हत्या
चाईबासा : बीते 23 अगस्त की रात गुदड़ी थानांतर्गत जरदा वन गांव में दरवाजा खुलवा कर रास्ता पूछने के बहाने तांत्रिक नारायण रुंडा की हत्या मामले में बुधवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुख्य आरोपी रोटो टेला व सुपारी किलर जेवरियस भुइया और जेम्स कांडायबुरु शामिल है. टोटका के कारण […]

सुपारी किलर की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी बरामद
एसपी ने बताया कि सुपारी किलर जेवरियस की निशानदेही पर जाते नाला के पास झाड़ियों से हत्या में प्रयुक्त टांगी बरामद किया गया. तीनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल लिया है. उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुआ है.
अंधविश्वास : रोटो ने सोचा नारायण के टोटका के कारण उसके बैल मरे
एसपी ने बताया कि जारदा निवासी रोटो टेला ने पिछले दिनों एक जोड़ा बैल खरीदा. बैलों को लेकर गांव आने पर सबसे पहले गांव का नारायण मुंडा मिला. उसने बैलों को लेकर टोक दिया. कुछ दिन बाद उसके दोनों बैल बीमार रहने लगे. इलाज के बावजूद दोनों बैल की मौत हो गयी. उसे संदेह हुआ कि नारायण के टोटका के कारण उसके बैल मरे हैं.
दस हजार रुपये की दी सुपारी
बैलों की मौत का बदला लेने के लिए रोटे ने गुदड़ी थानांतर्गत बांदु बाड़ी टोला निवासी जेवरियस भुइया व गोइलकेरा थानांतर्गत रेमेदकोचा निवासी जेम्स कंडायबुरु को 10 हजार रुपये की सुपारी दी. इसके बाद दोनों लोगों ने मिलकर नारायण की हत्या कर दी. पुलिस ने संदेह के आधार पर जेवरियस को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की. इसके बाद मामले का खुलासा हुआ.
रास्ता पूछने के बहाने घर से बुलाया और टांगी से काट डाला
दोनों सुपारी किलर 23 अगस्त की रात जारदा गांव पहुंचे. रात 10 बजे रास्ता पूछने के बहाने नारायण को घर से बुलाया. कुछ दूर ले जाकर टांगी से काटकर हत्या कर दी. कुल्हाड़ी को जाते नाला के पास झाड़ियों में फेंक दिया. हत्या का तरीका देखकर इसे माओवादी घटना माना जा रहा था.