15 दिन से जला है ट्रांसफॉर्मर पानी सप्लाई भी ठप हो गयी है
नोवामुंडी : करीब एक हजार की आबादी वाले कोटगढ़ गांव का जला ट्रांसफॉर्मर बदलने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति विभाग की लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया. इसमें महिलाएं पुरुष व स्कूली बच्चों ने शिरकत की. मौके पर ग्रामीणों ने 100 केवी की जगह 200केवी का ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग की. कोटगढ़ का […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नोवामुंडी : करीब एक हजार की आबादी वाले कोटगढ़ गांव का जला ट्रांसफॉर्मर बदलने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विद्युत आपूर्ति विभाग की लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया. इसमें महिलाएं पुरुष व स्कूली बच्चों ने शिरकत की. मौके पर ग्रामीणों ने 100 केवी की जगह 200केवी का ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग की.
कोटगढ़ का ट्रांसफॉर्मर तकनीकी खराबी अथवा वज्रपात की वजह से जल गया था, जिसके कारण बीते एक पखवाड़े से जलापूर्ति ठप होने से करीब एक हजार की आबादी के बीच पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है. पंखे नहीं चलने से रात में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. जलापूर्ति के लिए इक्का-दुक्का चापाकल हैं भी तो उनसे पांच मिनट तक हैंडल चलाने के बाद बूंद-बूंद कर पानी निकलता है. ग्रामीणों का कहना है कि100 केवी का ट्रांसफॉर्मर लगा था, जिसपर क्षमता से अधिक लोड था. इसलिए ग्रामीणों ने कोटगढ़ में 200 केवी का ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग की है.
ट्रांसफॉर्मर अविलंब बदले विभाग : गीता कोड़ा
जगन्नाथपुर विस क्षेत्र की विधायक गीता कोड़ा ने विस क्षेत्र में जले ट्रांसफॉर्मरों को अविलंब बदलने के लिए विद्युत आपूर्ति एसडीओ के नाम स्मार पत्र सौंपा गया. इसमें बिजली जैसी अनिवार्य सेवाएं अविलंब बहाल कराने का निर्देश दिया है. जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत भनगांव पंचायत के रेंगाड़बेड़ा, जुगीनंदा के तिलैपी, झीरपायी मुंडा घर के सामने 10/16 केवीए का ट्रांसफॉर्मर वर्षों से जला पड़ा है. इसी तरह नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत पोखरपी पंचायत के सिलदौरी, जेटेया पंचायत अंतर्गत गागासाई के दिउरीसाई व कोटगढ़ में जले ट्रांसफॉर्मर को अविलंब बदलने की की मांग की गयी है.
स्कूली बच्चों की पढ़ाई बाधित
ग्रामीणों के अनुसार बिजली नहीं रहने से रात में बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप है. उनका होमवर्क भी पूरा नहीं हो पा रहा है. रात में टॉर्च की रौशनी में काम निपटाये जा रहे हैं. मोबाइल चार्ज करने के लिए भी लोगों को दूसरे गांव में अथवा नोवामुंडी जाना पड़ रहा है.