सात वर्षों में शुरू नहीं हो सका कॉलेज भवन का निर्माण कार्य
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर में महिला कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से कोल्हान विश्वविद्यालय को आवंटित नौ करोड़ की राशि लौटा दी गयी है. इससे एक बार फिर से बहुप्रतीक्षित महिला कॉलेज का मामला अधर में लटक गया है. गौरतलब है कि चक्रधरपुर में बहुप्रतीक्षित महिला कॉलेज की स्थापना की कवायद 7 वर्षों से चल रही है. प्रखंड के इटोर पंचायत अंतर्गत महुलसाई गांव में 7.79 एकड़ सरकारी जमीन भी कोल्हान विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दी गयी. 2015 में उक्त भूमि की मापी करने के बाद भूमि पूजन कर समतलीकरण का कार्य भी हो चुका है.
झारखंड सरकार मानव संसाधन विकास विभाग की ओर से कोल्हान विश्वविद्यालय को 9 करोड़ रुपये महिला कॉलेज भवन निर्माण के लिए निर्गत भी कर दी गयी, लेकिन कॉलेज का भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से राशि लौटा दी गयी.
कॉलेज सरायकेला स्थानांतिरत करने का भ्रम : महिला कॉलेज की स्थापना को लेकर पिछले दिनों विधायक शशिभूषण सामड कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति से मिले थे. इससे पूर्व भी कई बार उक्त मामले को लेकर पत्राचार भी किया गया. कोल्हान विश्वविद्यालय ने बताया कि पहले चक्रधरपुर में महिला कॉलेज स्थापना की स्वीकृति मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा दी गयी थी. लेकिन बाद में इसे रद्द कर कॉलेज को सरायकेला स्थानांतरित कर दिया गया.
निजी भवन में खुल रहे हैं कॉलेज
पिछले दिनों कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा मनोहरपुर व मझगांव में दो कॉलेज खोले जाने की स्वीकृति दी गयी है. इन दोनों कॉलेजों के पास अपनी कोई जमीन तक नहीं है. इसी सत्र से कॉलेजों को निजी भवनों में चालू करने की अनुमति दी गयी है. विडंबना यह है कि चक्रधरपुर में महिला कॉलेज के लिए जमीन व राशि सब कुछ उपलब्ध होने के बाद कॉलेज को ही दूसरे जिले में स्थानांतरित कर दिया गया है. इससे चक्रधपुर के लोग हतोत्साहित हैं.
आज शिक्षा मंत्री से होगी वार्ता : विधायक
महिला कॉलेज की स्थापना के लिए प्रयासरत विधायक शशिभूषण सामाड ने कहा कि 18 अगस्त को शिक्षा मंत्री नीरा यादव चाईबासा आ रही हैं. इस दौरान उनसे मिल कर पूरे मामले की जानकारी दी जायेगी. चक्रधरपुर में महिला कॉलेज की नितांत आवश्यकता है. एकमात्र जेएलएन कॉलेज ही अंगीभूत कॉलेज है. जहां मात्र सात कमरे ही हैं. बच्चे साढ़े पांच हजार से अधिक हैं.
सरकारी भवन में प्रारंभ करने की है योजना
विश्वविद्यालय प्रशासन यदि चक्रधरपुर में महिला कॉलेज खोलने की अनुमति प्रदान कर देता है तो कॉलेज भवन का निर्माण होने तक महिला कॉलेज को संचालित करने के लिए दो स्थानों का चयन किया जा चुका है. इनमें एक भारत भवन हॉल है तथा दूसरा रेलवे एलपी स्कूल का पुराना भवन है. भारत भवन हॉल नगर पर्षद के अधीन है और वर्तमान में खाली है. एलपी स्कूल का भवन रेलवे की संपत्ति है. स्कूल को बंद कर दिये जाने से भवन खाली पड़ी है. दोनों स्थान महिला कॉलेज के लिए उपयुक्त है.
