राखा कॉपर प्रोजेक्ट की योजना अधर में

सरकार ने जमीन आवंटन की पहल नहीं की मुसाबनी : सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण राखा कॉपर प्रोजेक्ट को फिर चालू करने की एचसीएल की योजना अधर में हैं. एचसीएल ने राखा में रोआम के समीप आधुनिक क्रशर व कांस्ट्रेंटर प्लांट के लिए राज्य सरकार से 49 हेक्टेयर भूमि आवंटन की मांग की है. […]

सरकार ने जमीन आवंटन की पहल नहीं की

मुसाबनी : सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण राखा कॉपर प्रोजेक्ट को फिर चालू करने की एचसीएल की योजना अधर में हैं. एचसीएल ने राखा में रोआम के समीप आधुनिक क्रशर व कांस्ट्रेंटर प्लांट के लिए राज्य सरकार से 49 हेक्टेयर भूमि आवंटन की मांग की है. इस मामले अब तक कोई पहल नहीं हुई है.
सरकार के कुछ अधिकारी रोआम मौजा में एक निजी कंपनी को भूमि आवंटित करने की तैयारी में हैं. हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. एचसीएल ने सरकार की ओर से
राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए फरवरी में मोमेंटम झारखंड में
सिंहभूम के ताम्र खदानों व संयत्र के विकास के लिए 12 सौ करोड़ रुपये निवेश करने का एमओयू सरकार ने किया है. इसके तहत बंद पड़ी राखा, केंदाडीह माइंस को फिर से खोलने और सुरदा खदान की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना है.
राखा खदान के लिए 785.091 हेक्टेयर भूमि लीज पर लिया है. राखा खदान की वन व पर्यावरण स्वीकृति भी मिल गयी है. इस खदान से दस हजार टन अयस्क प्रतिदिन उत्पादन करने की योजना है. वहीं केंदाडीह खदान की लीज 1139.60 हेक्टेयर एचसीएल को मिली है.
इस खदान लिए वन एवं पर्यावरण स्वीकृति भी मिल है. इस खदान
की उत्पादन क्षमता डेढ़ हजार टन प्रतिदिन होगी.

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