Yashwant Sinha BRICS Summit Statement: दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन 2026 का रविवार को समापन हो गया. इसी बीच पूर्व वित्त एवं विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की मौजूदगी तथा संयुक्त घोषणापत्र जारी होना भारत के लिए बड़ी सफलता है.
यशवंत सिन्हा ने गिनाईं BRICS की तीन बड़ी सफलताएं
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान यशवंत सिन्हा ने कहा कि इस सम्मेलन की पहली सफलता यह रही कि जिन-जिन राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया, वे सभी शामिल हुए. दूसरी बड़ी उपलब्धि बैठक के बाद संयुक्त घोषणापत्र जारी होना रहा, जो विदेश मंत्रियों की पिछली बैठक में संभव नहीं हो पाया था. तीसरी सफलता सभी प्रमुख नेताओं के साथ भारत की द्विपक्षीय वार्ताएं रहीं. उन्होंने कहा - “सम्मेलन सफल इसलिए माना जाएगा क्योंकि सभी आमंत्रित राष्ट्राध्यक्ष आए. बैठक के बाद संयुक्त घोषणापत्र जारी हुआ और सभी नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठके हुईं”
चीन पर दो टूक: बातचीत जारी रहे, लेकिन भरोसा नहीं
यशवंत सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात को महत्वपूर्ण बताया, लेकिन चीन को लेकर स्पष्ट चेतावनी भी दी उन्होंने कहा कि चीन ने लगातार भारत को परेशान किया है, इसलिए संवाद जारी रहना चाहिए, मगर उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता.
उनके मुताबिक भारत ने पूरे सम्मेलन में अपनी भूमिका बेहद प्रभावी ढंग से निभाई. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग का रात्रिभोज में शामिल नहीं होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वह द्विपक्षीय वार्ता से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे.
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ईरान की मौजूदगी को बताया अहम
पूर्व विदेश मंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान की BRICS में सक्रिय मौजूदगी और भारत के साथ उसका संवाद कूटनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है.
गाजा मुद्दे पर भी भारत के रुख की सराहना
यशवंत सिन्हा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इज़राइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत की पारंपरिक नीति बदलती हुई दिखाई दे रही थी, लेकिन BRICS के संयुक्त घोषणापत्र में गाजा का उल्लेख कर भारत ने संतुलित और अपनी पुरानी कूटनीतिक लाइन के अनुरूप रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर देखें तो BRICS 2026 भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता साबित हुआ है.
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