सभी धर्मग्रंथों में अहिंसा, सत्य, समन्वय एवं भाईचारे का ही संदेश निहित है: उपायुक्त

जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल में स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में सर्व धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया.

सर्व धर्म सम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न

सिमडेगा. जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल में स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में सर्व धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन से हुआ. विद्यालय के प्रतिभाशाली बच्चों ने “दीपो ज्योति परम् ज्योति” गाकर मंगलाचरण प्रस्तुत किया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक और सौहार्द्रपूर्ण हो उठा. सम्मेलन में उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि सभी धर्मग्रंथों का मूल संदेश अहिंसा, सत्य, समन्वय और भाईचारा है. यदि हम इन शिक्षाओं को जीवन में उतार लें, तो समाज में शांति और सौहार्द स्थापित हो सकता है. विद्यालय के प्रबंधक राहुल प्रसाद ने स्वागत भाषण में कहा कि पूजा-पद्धतियों में भिन्नता हो सकती है, किन्तु धर्म का मूल भाव एक ही है.

विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखते हुए धर्म को जीवन जीने की कला बताया. वैदिक परंपरा से नारायण दास, इस्लाम परंपरा से मौलाना शाकिब अहमद, जैन परंपरा से गुरुमा वसुंधरा जी, गायत्री परिवार से प्रज्ञा कुमारी, आनंदमार्ग के प्रतिनिधि तथा अन्य वक्ताओं ने समाज में प्रेम और समरसता का संदेश दिया. प्रधानाध्यापिका प्रभा केरकेट्टा ने मानसिक एवं भावनात्मक विकास के लिए योग, प्रभु भक्ति और सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला. आचार्य पद्मराज स्वामी जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि धर्म एक मंजिल है और विभिन्न धर्म उसके मार्ग हैं. उन्होंने प्रेम, अहिंसा और अनेकांतवाद की व्याख्या करते हुए समाज में समन्वय का संदेश दिया. इस अवसर पर विद्यालय की स्मारिका “स्वर्णिम पथ” तथा आचार्य पद्मराज स्वामी जी द्वारा लिखित ग्रंथ “प्राकृत व्याकरण” का लोकार्पण किया गया. कार्यक्रम का संचालन प्रिंस जी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन अध्यापिका लक्ष्मी जी ने प्रस्तुत किया. मंगलपाठ के साथ सम्मेलन का समापन हुआ.

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Author: VIKASH NATH

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